Noida Land Scam : नोएडा में जमीन अधिग्रहण के दौरान कथित तौर पर ज्यादा मुआवजा देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने इस घोटाले में नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों और भूस्वामियों के बीच मिलीभगत की आशंका जताते हुए नई विशेष जांच टीम (SIT) के गठन का आदेश दिया है। यह SIT तीन आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में होगी, जिसमें फोरेंसिक लेखा विभाग और आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारी भी शामिल होंगे।
कहा और कब हुआ था घोटाला
मामला मूल रूप से गेझा और तिलपताबाद से जुड़ा है, जहां भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा बढ़ाने और अधिक भुगतान करने में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं। जांच में सामने आया कि इस अतिरिक्त मुआवजा घोटाले में लगभग 117 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ। पहले की जांच में 3,000 से अधिक फाइलें खंगाली गई थीं, जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
कोर्ट ने क्या कहा ?
कोर्ट ने आदेश में कहा कि संलिप्त अधिकारियों की संपत्तियों और बैंक खातों की फोरेंसिक जांच की जाएगी। साथ ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए मुख्य सतर्कता अधिकारी (Chief Vigilance Officer) की तत्काल नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं।
इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोएडा को महानगर परिषद में बदलने का भी आदेश दिया है। पर्यावरणीय मानकों और ग्रीन बेंच की मंजूरी के बिना नोएडा में नई परियोजनाओं पर रोक लगाने का निर्देश भी दिया गया है।
नोएडा में जमीन अधिग्रहण से जुड़े भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं
इसके अलावा, कोर्ट ने नागरिक सलाहकार बोर्ड के गठन का भी आदेश दिया, ताकि जनता की भागीदारी से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर निगरानी रखी जा सके।इस फैसले के साथ, सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि नोएडा में जमीन अधिग्रहण से जुड़े भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट के नए आदेश से न केवल पिछले मामलों की गहन जांच होगी, बल्कि भविष्य में ऐसे घोटालों पर रोक लगाने के लिए संस्थागत सुधार भी लागू किए जाएंगे।

