होम = State = उत्तर प्रदेश = नोएडा = नोएडा ऑनलाइन ठगी पर लगाएगा लगाम ‘साइबर कॉप’ ऐप, स्कैम से पहले ही मिलेगी चेतावनी

नोएडा ऑनलाइन ठगी पर लगाएगा लगाम ‘साइबर कॉप’ ऐप, स्कैम से पहले ही मिलेगी चेतावनी

by | Jan 21, 2026 | नोएडा

डिजिटल इंडिया के दौर में बढ़ते साइबर स्कैम के खतरों से निपटने के लिए नोएडा की एक कंपनी ने एआई-पावर्ड साइबर सुरक्षा तंत्र ‘अरिस्टा साइबर कॉप’ तैयार किया है। कंपनी का दावा है कि यह ऐप संभावित ऑनलाइन ठगी को होने से पहले ही पहचान लेगा और उसे रोकने में मदद करेगा।

कंपनी के सीईओ डॉ. कुणाल सिंह बेरवाल ने इस एआई-आधारित ऐप और कंप्यूटर सिस्टम को लॉन्च किया है। उनके अनुसार, यह साइबर सुरक्षा कवच प्रिवेंटिव और प्रेडिक्टिव एआई मॉडल पर आधारित है, जो रियल-टाइम में खतरे को पहचानने में सक्षम है।

डॉ. बेरवाल का कहना है कि अरिस्टा साइबर कॉप पूरी तरह ‘मेड इन इंडिया’ ऐप है, जिसे प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विज़न को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

उन्होंने बताया,
“आज कई ऐप सिर्फ़ मार्केटिंग कॉल की जानकारी देते हैं, लेकिन अरिस्टा यह बताएगा कि सामने वाली कॉल स्कैम है या ‘डिजिटल अरेस्ट’ की साजिश। हमारे ऐप में आप किसी भी डॉक्यूमेंट को स्कैन करके उसकी प्रामाणिकता जांच सकते हैं। यह सिस्टम रियल-टाइम एआई मैकेनिज़्म पर काम करता है।”

ब्राउजिंग के दौरान खतरे की चेतावनी

कंपनी के मुताबिक, फर्जी वेबसाइट और नकली नोटिस के चलते लोग अक्सर लाखों रुपये गंवा देते हैं। ऐसे मामलों में अरिस्टा साइबर कॉप ब्राउजिंग के दौरान ही खतरे की चेतावनी देगा। ऐप यूज़र की प्राइवेसी को प्राथमिकता देता है और पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है।

यूज़र डेटा स्टोर नहीं करता ऐप

कंपनी का दावा है कि ऐप यूज़र का कोई निजी डेटा जैसे कॉन्टैक्ट या मैसेज स्टोर नहीं करता। केवल नाम और ईमेल लिया जाता है, ताकि यूज़र की पहचान प्रमाणित हो सके। हालांकि, इस स्टार्टअप के सामने 400 बिलियन डॉलर के वैश्विक साइबर सुरक्षा बाज़ार में अपनी जगह बनाना एक बड़ी चुनौती होगी।

गौरतलब है कि सरकार भी समय-समय पर साइबर ठगी से निपटने के लिए ‘साइबर दोस्त’ जैसी जागरूकता योजनाएं और हेल्पलाइन शुरू करती रही है, जिनका उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड के तरीकों से सतर्क करना और समय पर शिकायत दर्ज कराने में मदद करना है।

तेज़ी से बदलते साइबर अपराध के तरीकों के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लोगों तक सिर्फ़ जानकारी ही नहीं, बल्कि रियल-टाइम सुरक्षा भी पहुंचे। ऐसे में एआई आधारित साइबर सुरक्षा टूल्स की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।

Tags : noida news

बंगाल