Noida DM : गौतमबुद्ध नगर जिले की नई डीएम मेधा रूपम ने अचानक अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट को इनएक्टिव कर दिया है। हाल ही में जिले की डीएम बनी मेधा रूपम के इस कदम के पीछे लगातार चल रही सोशल मीडिया ट्रोलिंग को बताया जा रहा है।
मेधा रूपम ने किया अकाउंट इनएक्टिव
सूत्रों के अनुसार, बिहार चुनाव के दौरान SIR के मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर मेधा रूपम और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा था। कुछ यूजर्स ने उनके परिवार की तस्वीरें पोस्ट कर उन्हें ट्रोल किया, जिससे मेधा रूपम ने अपना अकाउंट इनएक्टिव करने का निर्णय लिया। मेधा रूपम 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और गौतम बुद्ध नगर जिले की पहली महिला डीएम हैं। अगस्त महीने की शुरुआत में योगी सरकार ने 23 आईएएस अफसरों के तबादले किए थे, जिसमें मेधा रूपम का नाम भी शामिल था। इसके बाद उन्होंने मनीष कुमार वर्मा के स्थान पर जिले का कार्यभार संभाला।
आईएएस अधिकारी सहारनपुर में तैनात
मेधा रूपम के पिता ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर हैं। उनके पति मनीष बंसल भी 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और इस समय सहारनपुर में तैनात हैं। शिक्षा और करियर की बात करें तो मेधा रूपम दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक हैं। उन्होंने 2014 में यूपीएससी की परीक्षा में 10वीं रैंक हासिल की। अपनी शुरुआती पोस्टिंग में उन्हें बरेली जिले में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया। इसके बाद उन्हें मेरठ, हापुड़ और कासगंज में विभिन्न अहम पदों पर जिम्मेदारी दी गई।
सोशल मीडिया पर फैमिली को लोग कर रहे ट्रोल
मेधा रूपम की एक और पहचान उनकी शूटिंग में उपलब्धियों से भी है। वह राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटर रह चुकी हैं और केरल राज्य शूटिंग चैंपियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। इस पूरे मामले में सोशल मीडिया ट्रोलिंग और सार्वजनिक आलोचना से अधिकारी कितनी प्रभावित होती हैं, इसका उदाहरण मेधा रूपम के अकाउंट इनएक्टिव करने के फैसले से देखा जा सकता है। जिले की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालते हुए भी, सोशल मीडिया पर फैमिली और व्यक्तिगत जीवन पर होने वाले हमलों ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।
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