Noida News : शहरवासियों को नोएडा (Noida News) और ग्रेटर नोएडा आने-जाने के दौरान अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऑफिस टाइम में नोएडा एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। अब इस समस्या का स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद है। योगी सरकार ने यमुना पुश्ते पर बनने वाली नई एलिवेटेड रोड परियोजना को हरी झंडी दिखाने की तैयारी कर ली है। यह एलिवेटेड रोड (Elevated Road) सेक्टर-94 गोलचक्कर से शुरू होकर सेक्टर-150 तक बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस परियोजना के लिए शासन और नोएडा प्राधिकरण को प्रस्ताव भेज दिया है।
4 हजार करोड़ रुपये का खर्च
इस सड़क को आगे ग्रेटर नोएडा की ओर बढ़ाते हुए सेक्टर-150 के पास नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। लगभग 6 लेन की इस एलिवेटेड रोड के निर्माण पर करीब 4 हजार करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इसके बनने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर जाम की समस्या में बड़ी कमी आएगी। इसके अलावा दिल्ली आने जाने वाले वाहनों को भी निजात मिलेगी।परियोजना पूरी होने में 3 से 4 साल का समय लग सकता है।
ट्रैफिक का दबाव होगा कम
दरअसल, यमुना पुश्ता क्षेत्र सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है। पुश्ते के एक तरफ हजारों की संख्या में अवैध फार्महाउस बने हुए हैं। दूसरी तरफ सेक्टर, सोसाइटी और गांव मौजूद हैं। मौजूदा समय में पुश्ते की सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है और गड्ढों में बदल गई है। इस कारण यहां यात्रा करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में एलिवेटेड रोड बनने से न केवल ट्रैफिक का दबाव कम होगा। साथ ही आसपास के इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी भी मिल सकेगी।
अनुमति की चुनौती
हालांकि, पुश्ता सिंचाई विभाग का हिस्सा है। इसलिए यहां किसी भी बड़े निर्माण के लिए विभाग से अनुमति लेना जरूरी है। इसी वजह से लोक निर्माण विभाग ने एलिवेटेड रोड की योजना पर आगे बढ़ने से पहले सिंचाई विभाग से एनओसी (No Objection Certificate) लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। नोएडा प्राधिकरण के डीजीएम विजय रावल ने बताया कि एलिवेटेड रोड बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने पहल की है। प्रस्ताव शासन को भेजा गया है और अब सरकार को इस पर निर्णय लेना है। साथ ही सिंचाई विभाग से एनओसी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रोजेक्ट के पूरा हो बाद करीब दो दर्जन सेक्टरों को फायदा होगा।

