Al-Qaeda terrorist arrested : गुजरात के आतंक निरोधक दस्ते (एटीएस) ने मंगलवार को नोएडा के छिजारसी गांव से अलकायदा के एक खतरनाक आतंकी को गिरफ्तार किया है। मेरठ के किठौर के ललियाना गांव का निवासी जीशान अली बीते एक महीने से सैनिक कम्युनिकेशन नामक मोबाइल की दुकान पर काम करने के बहाने देश के खिलाफ गंभीर साजिश रचने में लिप्त था।
ये है मामला
सेक्टर-63 थाने से लगभग 500 मीटर दूर एफएनजी रोड पर स्थित मोबाइल शॉप पर दोपहर करीब एक बजे अपनी रोजाना की तरह बैठे जीशान को एटीएस की टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के गिरफ्तार कर लिया। दुकान मालिक मोहम्मद असद के ननिहाल के पास जीशान का घर होने के कारण वह आसानी से दुकान में काम पा गया था। असद का दावा है कि उसे जीशान के आतंकी संगठन से जुड़ाव के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
चुपचाप जीशान को हिरासत में लिया
गिरफ्तारी की सूचना फैलने के बाद बुधवार दोपहर तीन बजे दुकान के बाहर लोगों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। दुकानदार असद के साले जान मोहम्मद ने बताया कि जीशान दुकान पर काम करने का नाटक करता था, लेकिन अधिकतर समय मोबाइल पर गेम खेलने में व्यतीत करता था। संदिग्ध बात यह थी कि फोन आने पर वह हमेशा हड़बड़ाहट में बाहर जाता था ताकि कोई उसकी बातचीत न सुन सके। एटीएस की टीम लगभग आधे घंटे तक दुकान के पास रुकी रही और फिर चुपचाप जीशान को हिरासत में ले गई।
नकली नोटों के रैकेट में शामिल
स्थानीय पुलिस और मीडिया के माध्यम से बाद में पता चला कि जीशान को गुजरात एटीएस अपने कब्जे में ले गई है। सूत्रों के अनुसार, जीशान लगभग चार महीने पहले ही नोएडा आया था और छिजारसी के आश्रम वाली गली में किराए पर कमरा लेकर अकेले रहता था। मकान मालिक ने बिना उचित सत्यापन के उसे कमरा दे दिया था, जो एक गंभीर चूक साबित हुई। खोड़ा गांव निवासी मोहम्मद असद ने आठ महीने पहले यह मोबाइल शॉप खोली थी। पहले वह मेरठ में काम करता था। एटीएस के सूत्रों का दावा है कि आरोपी जीशान न केवल नकली नोटों के रैकेट में शामिल था, बल्कि आतंकी विचारधारा फैलाने वाले एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा भी था।
पहले भी आ गए कई मामले
यह नोएडा में आतंकवादियों की गिरफ्तारी का पहला मामला नहीं है। प्रदेश के वर्तमान डीजीपी राजीव कृष्ण जब नोएडा के एसएसपी थे, तब थाना सेक्टर-24 क्षेत्र में प्रकाश अस्पताल के पास पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मकबूल डार अहमद को मार गिराया था, जिसके पास से एके-47 राइफल भी बरामद हुई थी। उसके तीन साथी बाद में मुजफ्फरनगर में पकड़े गए थे। इसी तरह 25 जनवरी 2009 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर यूपी एसटीएफ ने सेक्टर-39 क्षेत्र में दो आतंकवादियों को मारा था।
इंस्टाग्राम से पाकिस्तानी कनेक्ट
एटीएस की जांच में पता चला है कि जीशान एक पाकिस्तानी व्यक्ति फईक के संपर्क में था जो इंस्टाग्राम के माध्यम से उसे भारत में जिहाद फैलाने के तरीके सिखा रहा था। एटीएस ने पांच इंस्टाग्राम खातों की निगरानी के बाद चार आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। जीशान अली ने सोशल मीडिया पर कई देश विरोधी पोस्ट भी किए थे। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि जीशान और उसके साथी देश में बड़े हमले की योजना बना रहे थे।
ऑपरेशन सिंदूर के विरोध में जिहाद चलानेका था प्लान
अहमदाबाद के फतेहवादी इलाके में फरदीन के घर की छापेमारी में एटीएस को तलवार और अलकायदा की कट्टरपंथी विचारधारा से भरा साहित्य मिला है। इस साहित्य में पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के विरोध में जिहाद को बढ़ावा देने का स्पष्ट उल्लेख है। सभी चार गिरफ्तार आतंकवादियों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करना और उनके माध्यम से अपनी खतरनाक साजिश को अंजाम देना था।
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