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News India Conclave:कंटेंट क्रिएशन ज्ञान या दिखावा?आज की शिक्षा पर प्रो.कुलश्रेष्ठ ने क्या कहा

News India Conclave : न्यूज इंडिया 24×7 के विशेष कार्यक्रम ज्ञानोदय प्रदेश कॉन्क्लेव 2025 में शिक्षा, ज्ञान और कंटेंट क्रिएशन के बदलते स्वरूप पर गहन चर्चा हुई. कार्यक्रम में शिक्षाविद् डॉ. एस.बी. कुलश्रेष्ठ और डॉ. पुष्पा रावत विशेष रूप से जुड़े.

मनोरंजन के बीच दबकर रह गया है शिक्षा और ज्ञान

कार्यक्रम की शुरुआत इस सवाल से हुई कि आज के दौर में जहां युवा वर्ग कंटेंट क्रिएशन में व्यस्त है, वहां वास्तविक ज्ञान और सूचना का स्थान कितना बचा है? क्या शिक्षा और ज्ञान केवल मनोरंजन के बीच दबकर रह गए हैं या अभी भी समाज को दिशा देने की क्षमता रखते हैं. इसी क्रम में डॉ. एस.बी. कुलश्रेष्ठ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले लाइब्रेरी साइंस को केवल क्लर्कनुमा कार्य मान लिया जाता था, लेकिन समय के साथ यह धारणा बदली. उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और उत्तर प्रदेश सरकार की पहल के चलते लाइब्रेरियन को अब असिस्टेंट प्रोफेसर का दर्जा और वेतनमान मिला है.

व्यक्तिगत संघर्षों का किया उल्लेख

उन्होंने अपने व्यक्तिगत संघर्ष का भी उल्लेख किया. कुलश्रेष्ठ ने बताया कि उन्हें और उनके जैसे कई लाइब्रेरियन को 60 वर्ष की आयु में जबरन सेवानिवृत्त कर दिया गया, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 62 वर्ष की सेवा आयु तय की थी. अकेले उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अंततः न्याय प्राप्त किया. हालांकि इस प्रक्रिया में उन्हें 40 लाख रुपये की रिकवरी जैसे कठिन हालात का भी सामना करना पड़ा. भावुक होते हुए कुलश्रेष्ठ ने कहा कि मैं गदगद हूं कि आज प्रदेश में ऐसा उच्च शिक्षा मंत्री है जिसने लाइब्रेरी साइंस को उचित स्थान दिया. ज्ञान सचमुच मशाल है, जिससे पूरी दुनिया का अंधकार दूर किया जा सकता है.

डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को ग्रेच्युटी का लाभ दिए जाने की मांग

अंत में डॉ. कुलश्रेष्ठ ने मंच से ही प्रदेश सरकार से डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को ग्रेच्युटी का लाभ दिए जाने की मांग की. उन्होंने घोषणा की कि सेवानिवृत्ति के बाद वह अपने गांव में अपने पिता के नाम से “स्वर्गीय श्री ओम प्रकाश कुलश्रेष्ठ मेमोरियल पुस्तकालय” की स्थापना करेंगे. इस दौरान डॉ. पुष्पा रावत ने भी शिक्षा और ज्ञान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ज्ञान जितना बांटा जाता है, वह उतना ही बढ़ता है. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि वास्तविक सूचना और ज्ञान से जुड़े कंटेंट भी समाज तक पहुंचाएं.

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