Jaunpur Shia community Protest: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी–इज़राइली हमले में मौत की खबर ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर में जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया। रविवार को जिले भर से हजारों की संख्या में शिया समुदाय के पुरुष, महिलाएं और बच्चे सड़कों पर उतर आए। हाथों में खामेनेई के पोस्टर और काले झंडे लिए प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बेहद उग्र प्रदर्शन
जौनपुर के कल्लू इमामबाड़ा पर भारी भीड़ जमा हुई। माहौल गमगीन होने के साथ-साथ बेहद उग्र नजर आया। प्रदर्शनकारियों की एक ही आवाज गूंज रही थी “तुम एक हुसैनी मारोगे, हर घर से एक और हुसैनी निकलेगा।” लोगों का कहना था कि शहादत से आंदोलन खत्म नहीं होता, बल्कि और ताकत के साथ आगे बढ़ता है।
शहीद का खून कभी व्यर्थ नहीं जाता
मशहूर शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने इस हमले को कायरतापूर्ण बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खामेनेई हमेशा शहादत की दुआ करते थे और जंग के मैदान में शहीद हुए। उनके अनुसार, शहीद का खून कभी व्यर्थ नहीं जाता, वही इंकलाब की नींव बनता है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर कड़े शब्दों में हमला बोला।
तीन दिन का शोक
मौलाना कल्बे जवाद ने देशभर के शिया समुदाय से तीन दिन का शोक मनाने, स्वेच्छा से बाजार बंद रखने और एक साथ शोक सभाएं व कैंडल मार्च निकालने की अपील की। घरों पर काले झंडे लगाने का भी आह्वान किया गया।
प्रशासन अलर्ट
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
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