Lal Baradari Namaz Gate Controversy: लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर एक बार फिर तनाव के केंद्र में आ गया है। लाल बारादरी इलाके में स्थित ‘नमाज गेट’ को बंद किए जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब खुले टकराव में बदल गया है। हालात ऐसे बन गए कि यूनिवर्सिटी गेट पर भारी संख्या में छात्र जुट गए, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।
बैरिकेडिंग या धार्मिक पाबंदी?
छात्रों का आरोप है कि लाल बारादरी स्थित मस्जिद के गेट को जानबूझकर बैरिकेडिंग लगाकर बंद किया गया है, जिससे उनकी धार्मिक गतिविधियों पर रोक लग रही है। प्रदर्शनकारी इसे धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बता रहे हैं। वहीं, लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि इलाके में मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा है, इसलिए सुरक्षा कारणों से गेट को अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
कल नमाज और आज हनुमान चालीसा
विवाद ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। एक दिन पहले नमाज को लेकर प्रदर्शन हुआ था, तो मंगलवार को उसी मुद्दे के विरोध और समर्थन में कुछ छात्रों ने यूनिवर्सिटी गेट पर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। सुबह से ही नारेबाजी और प्रदर्शन तेज हो गए। स्थिति को काबू में रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कई छात्रों को जबरन हटाया गया और कुछ को हिरासत में लिया गया। प्रशासन लगातार छात्रों को समझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन प्रदर्शनकारी गेट खोलने की मांग पर अड़े रहे।
13 छात्रों को नोटिस
लाल बारादरी में नमाज पढ़ने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कुल 13 छात्रों को नोटिस जारी किए गए हैं। महानगर कमिश्नरेट लखनऊ के अंतर्गत सहायक पुलिस आयुक्त/कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 126/135 के तहत कार्रवाई करते हुए शांति भंग की आशंका जताई है। नोटिस में छात्रों पर निर्माण कार्य बाधित करने, सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने और सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ने का प्रयास करने के आरोप लगाए गए हैं। सभी से 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत भरने का निर्देश दिया गया है।
पहले भी भिड़ चुके हैं छात्र गुट
इससे पहले सोमवार को भी लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में तनाव फैल गया था, जब लाल बारादरी में नमाज पढ़ने को लेकर हिंदू और मुस्लिम छात्र गुट आमने-सामने आ गए थे। उस दौरान ‘जय श्री राम’ के नारे लगे और दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई थी।
ASI रिपोर्ट के बाद शुरू हुई मरम्मत
पूरा विवाद ऐतिहासिक लाल बारादरी इमारत से जुड़ा है। हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस इमारत की मरम्मत शुरू करवाई थी। सुरक्षा कारणों से क्षेत्र को बैरिकेडिंग लगाकर कवर किया गया, लेकिन इसी फैसले ने अब कैंपस को आस्था और कानून-व्यवस्था की जंग में बदल दिया है।
स्थिति पर प्रशासन की नजर
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला पुलिस हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। कैंपस में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है। सवाल यह है कि क्या यह विवाद संवाद से सुलझेगा या आने वाले दिनों में लखनऊ यूनिवर्सिटी में तनाव और गहराएगा।
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