Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। फतेहाबाद कस्बे की विजय नगर कॉलोनी में 8 साल के मासूम अभय का पहले अपहरण हुआ और फिर उसकी हत्या कर दी गई। दो महीने की खोज के बाद पुलिस ने इस केस का पर्दाफाश किया। चौंकाने वाली बात ये रही कि इस नन्हें बच्चे की हत्या उसके पड़ोसी ने ही की। इस पूरे मामले में एक चिट्ठी और एक लोकल शब्द ‘बिटवा’ ने अहम किरदार निभाया।
कब और कैसे हुआ अपहरण?
30 अप्रैल को कॉलोनी में एक शादी के दौरान मासूम अभय को कृष्णा नाम के व्यक्ति ने उसके पिता से मिलने के बहाने स्कूटी पर बैठाया और अपने साथी राहुल के साथ फरार हो गया। रास्ते में छात्र ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसका गला घोंट दिया और लाश को राजस्थान के मनिया गांव में गड्ढा खोदकर दफना दिया।
मास्टरमाइंड कृष्णा कैसे फंसा?
कृष्णा ने बचाव करने के लिए कई धमकी भरी चिट्ठियां भेजीं। पहली चिट्ठी 24 जून को मिली, जिसमें कुछ कोडवर्ड और निर्देश दिए गए थे। बार-बार ‘बिटवा’ जैसे शब्द का इस्तेमाल देख पुलिस को शक हुआ। जांच में चिट्ठियों की हैंडराइटिंग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन से जुड़ी जानकारी जब कृष्णा से मेल खाने लगी, तो सारे मामले का पता चला।
मासूम की मां का दर्द
जब पुलिस ने अभय की मौत की खबर दी तो मां शशि देवी बेसुध हो गई। वो बार-बार एक ही बात कहती रहीं, “मेरा बिट्टू मुझे वापस कर दो।” पूरे मोहल्ले में मातम छा गया।
दो महीने पहले बनाई थी साजिश
कृष्णा ने पहले से ही अभय से दोस्ती बढ़ानी शुरू कर दी थी, उसे रोज टॉफी देता था ताकि वो आसानी से साथ चल पड़े। अभय के भाई विनीत ने बताया कि कृष्णा अक्सर कहता था “एक दिन कुछ बड़ा करूंगा, सब याद रखेंगे।” लेकिन किसी को नहीं पता था कि ऐसा हो जाएगा।
अब क्या हो रहा है?
पुलिस ने कृष्णा और उसके साथी राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और अब आगे की कार्रवाई की जा रही है। ये मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे और इंसानियत को मार देने वाला अपराध है।

