Greater Noida Murder Case : ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र के सिरसा गांव में दहेज की मांग ने एक और बहू की जिंदगी छीन ली। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने विवाहिता निक्की (28) को बेरहमी से पीटा और फिर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी निक्की को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस सनसनीखेज मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।
शादी के बाद से शुरू हुआ उत्पीड़न
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2016 में निक्की की शादी सिरसा गांव निवासी विपिन से हुई थी। शादी में स्कॉर्पियो कार समेत पर्याप्त दहेज दिया गया था। इसके बावजूद पति विपिन, जेठ रोहित, सास दया और ससुर सतवीर लगातार 35 लाख रुपये और दूसरी कार की मांग कर रहे थे। पीड़ित परिवार ने उनकी मांग पूरी करने के लिए एक और कार दी, लेकिन फिर भी प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा। मृतका की बहन कंचन, जिसकी शादी भी इसी परिवार में हुई थी, ने बताया कि ससुराल वाले अक्सर दोनों बहनों को मारते-पीटते और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। कई बार पंचायतों के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपी बाज नहीं आए।
घटना का दर्दनाक सच
कंचन का कहना है कि बीते गुरुवार को उसके सामने ही निक्की को बुरी तरह पीटा गया और गले पर हमला किया गया। जब वह बेहोश हो गई तो उस पर पेट्रोल जैसा ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई। शोर सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हुए और आग बुझाई, इसके बाद निक्की को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।
इस पूरे मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया जब मृतका के मासूम बेटे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में बच्चा साफ कहता है कि “पापा ने मम्मी को लाइटर से जलाकर मारा।” इस बयान ने ससुराल पक्ष की करतूतों की पुष्टि कर दी और लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। एडीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार ने बताया कि 21 अगस्त की रात फोर्टिस अस्पताल से महिला के गंभीर जलने की सूचना मिली थी। बाद में उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका की बहन की तहरीर पर पति विपिन, जेठ रोहित, सास दया और ससुर सतवीर के खिलाफ हत्या और दहेज उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पति विपिन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी तीन आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं।
आक्रोश और न्याय की मांग
निक्की की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि दहेज की कुरीति आज भी समाज में जड़ें जमाए हुए है और कानून होने के बावजूद आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। परिजनों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और पीड़ित बच्चे की परवरिश की जिम्मेदारी उठाने की मांग की है। निक्की के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गांव में उसका अंतिम संस्कार किया गया। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए सोचने का विषय बन गई है कि आखिर कब तक दहेज की बलि चढ़ती रहेंगी बेटियां।
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