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मायावती ने रैली में CM योगी की तारीफ की, जानें क्यों बोलीं -“योगी सरकार की हम आभारी हैं”

UP News : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार (9 अक्टूबर) को नौ साल बाद लखनऊ में आयोजित महारैली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की तारीफ की, जिसके बाद सियासत गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने मायावती के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए भाजपा और बसपा के बीच “भीतरी समझौते” का आरोप लगाया है।

अखिलेश यादव का पलटवार — “साँठगाँठ है जारी”

बसपा प्रमुख के “योगी सरकार के आभारी” बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा —“क्योंकि उनकी अंदरूनी साँठगाँठ है जारी, इसीलिए वो हैं ज़ुल्म करनेवालों के आभारी।”

अखिलेश का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि सपा प्रमुख बसपा और भाजपा के बीच किसी गुप्त राजनीतिक तालमेल की बात कर रहे हैं।

क्यों बोलीं मायावती — “योगी सरकार की हम आभारी हैं”

लखनऊ की महारैली में मायावती ने कहा कि वह योगी सरकार की “आभारी” हैं क्योंकि मौजूदा सरकार ने कांशीराम स्मारक की देखरेख के लिए टिकट से इकट्ठा धनराशि का उपयोग किया, जिसे समाजवादी पार्टी सरकार ने पहले रोक दिया था।

मायावती ने सपा पर आरोप लगाया कि पिछली सरकार में कांशीराम स्मारक की उपेक्षा की गई और रखरखाव का कोई काम नहीं हुआ।

सपा पर बरसीं मायावती

मायावती ने अपने भाषण में सपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने जाति और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कानून-व्यवस्था में सुधार किया था। समाजवादी पार्टी अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए पीडीए के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है।” बसपा सुप्रीमो ने यह भी कहा कि सपा सरकार ने उनके महापुरुषों के सम्मान में बनी कई योजनाओं को बंद कर दिया था।

कांग्रेस पर भी वार

मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि इमरजेंसी के दौर में कांग्रेस ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बनाए संविधान को कमजोर करने का काम किया था। उन्होंने कहा कि अब वही लोग “संविधान बचाओ” के नारे लगाकर नौटंकी कर रहे हैं।

राजनीतिक हलचल तेज

मायावती के इस बयान ने न सिर्फ यूपी की राजनीति में नई हलचल मचा दी है, बल्कि भाजपा, सपा और बसपा के बीच बदलते समीकरणों को लेकर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह बयान चुनावी मौसम से पहले बसपा की नई रणनीति का संकेत हो सकता है।

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