Mathura Cow Protector Murder: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार सुबह हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए, जब गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की संदिग्ध मौत के बाद गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर आई। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा और दिल्ली-आगरा हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई।
कैसे भड़का पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार, कोसीकलां थाना क्षेत्र के नवीपुर गांव के पास ‘फरसा वाले बाबा’ की एक ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। गौरक्षकों का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि गोतस्करों द्वारा की गई सुनियोजित हत्या है। इसी आरोप ने इलाके में आक्रोश की चिंगारी भड़का दी।
पुलिस पर पथराव, हालात बेकाबू
घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और दिल्ली-आगरा हाईवे को जाम कर दिया। जब पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, तो भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर जमकर पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनके सिर और शरीर पर चोटें आईं। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
हाईवे जाम
प्रदर्शनकारियों के हंगामे के चलते दिल्ली-आगरा हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा और प्रशासन को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस और स्थानीय लोगों में टकराव
कोसी क्षेत्र में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच कई बार झड़प की स्थिति बनी। लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता रहा, जबकि प्रशासन हालात को शांत करने के लिए लगातार प्रयास करता रहा।
जांच और सुरक्षा बढ़ी
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हादसा था या साजिश।
आगे क्या?
मथुरा में हालात फिलहाल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सच सामने आता है और क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि संवेदनशील मुद्दों पर छोटी सी चिंगारी भी बड़े बवाल का रूप ले सकती है।
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