होम = Cover Story Big = कानपुर के कुशाग्र हत्याकांड के आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई मरते दम तक जेल की सजा, रस्सी से घोटा था कुशाग्र का गला

कानपुर के कुशाग्र हत्याकांड के आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई मरते दम तक जेल की सजा, रस्सी से घोटा था कुशाग्र का गला

Kushagra murder case: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के कुशाग्र हत्याकांड में अपर जिला कोर्ट ने उसकी ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और दोस्त आर्यन उर्फ शिवा गुप्ता को आजीवन उम्रकैद की सजा सुनाई और कहा, तीनों दोषियों को मरते दम तक जेल में रखा जाए।

अगवा कर नाबालिग कुशाग्र को जान से मारा गया था

कानपुर में तीन साल पहले एक नाबालिग लड़के को अगवा किया गया। बाद में उसकी लाश मिली। तब लंबी तफ्तीश के बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जिनमें से एक उस लड़के की ट्यूशन टीचर भी थी। अब तीन साल बाद अदालत ने इस मामले में उस ट्यूशन टीचर और उसके दो साथियों को कत्ल का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दरअसल, इस केस ने पूरे यूपी को हिलाकर रख दिया था।

30 लाख की मांगी गई थी फिरौती

हत्या के बाद तीनों ने 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। प्रभात और आर्यन ने फिरौती का पत्र कुशाग्र के घर में फेंका, जो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ। पुलिस ने जांच में 600 पेज की चार्जशीट दाखिल की, 14 गवाह पेश किए, 240 पेज की जिरह हुई और 112 वस्तुएं बरामद कीं।

अपर जिला ने क्या सुनाई सजा

कानपुर की अदालत के अपर ज़िला जज 11 सुभाष सिंह ने ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, प्रभात शुक्ला और आर्यन उर्फ शिवा को 16 साल के छात्र कुशाग्र कनोडिया के कत्ल का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। इस तरह ट्यूशन टीचर रचिता और उसके दो दोस्तों को उनके उस गुनाह की सजा मिल ही गई, जिस गुनाह ने तीन साल पहले कानपुर के हर मां बाप को परेशान कर दिया था।

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