Antul Tewatia : उत्तर प्रदेश में शिक्षा सुधारों की दिशा तय करने और भविष्य की रूपरेखा पर मंथन के लिए शुक्रवार को ‘ज्ञानोदय प्रदेश कॉन्क्लेव 2025’ का आयोजन किया गया. इस विशेष मंच पर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी और बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह मौजूद रहे. इनके साथ ही अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षा नीति निर्माता और देश के प्रमुख शिक्षाविद भी शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा चुनौतियों और भविष्य में होने वाले संभावित बदलावों पर खुलकर चर्चा हुई.
शिक्षक गुणवत्ता पर जोर
इस दौरान डॉ० अंतुल तेवतिया मंच से कहा कि किसी भी देश के भविष्य निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे अहम होती है. हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो का जिक्र करते हुए यह चिंता जताई गई कि कई शिक्षक साधारण वर्तनी तक सही ढंग से नहीं लिख पाते. इस पर चर्चा करते हुए कहा गया कि अगर शिक्षक ही मजबूत नहीं होंगे तो बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा.
शिक्षा के लिए कैसा है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग
डॉ० अंतुल तेवतिया ने शिक्षकों को अपनी दक्षता में निरंतर सुधार करने की बात कही और कहा कि बदलते दौर में इंटरनेट और एप्स जैसे संसाधनों से शिक्षक खुद को अपडेट कर सकते हैं. डॉ० अंतुल तेवतिया ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभाव पर भी चर्चा की. एआई के बढ़ते उपयोग को रोजगार के लिए चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि समय के साथ यह नई संभावनाओं का मार्ग भी प्रशस्त करेगा.
विकास कार्यों का जिक्र
कॉन्क्लेव में बताया गया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया है. ग्रामीण इलाकों में ऐसी कई सड़कें बनाई गईं जो आजादी के बाद पहली बार बनीं. वहीं, अंधेरे में डूबे गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाकर सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की गई.
महिलाओं को भी संदेश
ज्ञानोदय मंच से महिलाओं और बेटियों के लिए खास संदेश दिया गया. कहा गया कि शिक्षा महिलाओं का मौलिक अधिकार है और शिक्षा के बल पर ही हर लक्ष्य संभव है. कोई भी कार्य ऐसा नहीं जिसे महिला ठान ले और पूरा न कर पाए. इसलिए अपनी उड़ान ऊंची रखिए, पूरा आसमान आपके लिए खुला है.

