Ayodhya Mandir RamLala Pran Pratishtha Dwadashi: अयोध्या आज एक बार फिर इतिहास के साक्षी बनने जा रही है। रामलला की प्रतिष्ठा द्वादशी के पावन अवसर पर रामनगरी पूरी तरह भक्ति, उल्लास और श्रद्धा के रंग में रंगी नजर आ रही है। दो वर्ष पूर्व जिस तिथि को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, उसी स्मरणीय दिन आज विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया है।
सुबह होते ही श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर वैदिक मंत्रों, शंखनाद और जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष से आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। वैदिक आचार्यों के सान्निध्य में रामलला का दिव्य अभिषेक किया गया, वहीं यज्ञ, हवन और पूजन की परंपरागत विधियां विधिवत संपन्न हो रही हैं।
श्रद्धालुओं का सैलाब, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रतिष्ठा द्वादशी पर रामलला के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर रहे हैं। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग, निगरानी और विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
संत-महात्मा और धर्माचार्य बने ऐतिहासिक क्षण के साक्षी
इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महात्मा और धर्माचार्य भी अयोध्या पहुंचे हैं। यज्ञशाला में विविध वैदिक कर्मकांड जारी हैं, जो इस दिन की आध्यात्मिक गरिमा को और भी बढ़ा रहे हैं। प्रतिष्ठा द्वादशी के अंतर्गत चल रहे पाटोत्सव में आज का दिन विशेष महत्व रखता है।
विशेष अतिथियों की मौजूदगी ने बढ़ाया आयोजन का महत्व
रामलला के अभिषेक समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और गरिमामय बना दिया है। रक्षा मंत्री राम मंदिर परिसर में कई घंटे बिताकर विभिन्न अनुष्ठानों में भाग लेंगे और परकोटा स्थित अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण भी करेंगे। रामनगरी अयोध्या आज केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक गौरव का जीवंत प्रतीक बनकर पूरे देश को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
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