Rain in Ghaziabad : गाजियाबाद में गुरुवार को हुई भारी बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। कुछ ही घंटों में हुई इस बारिश ने अधिकांश इलाकों को तालाब में तब्दील कर दिया। जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों का आवागमन बाधित हो गया और कई प्रमुख सड़कों पर भीषण जाम लग गया, जिससे यात्रियों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी। कई इलाकों में वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ रहे थे और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
बारिश से सड़कें जाम, रास्तों में नहीं है निकलने की जगह
बारिश का असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी देखने को मिला। माता-पिता को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कई गुना मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, बाजार और व्यावसायिक क्षेत्रों में व्यापार भी प्रभावित हुआ। दुकानदारों और आम नागरिकों ने कहा कि बार-बार ऐसा होने से लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं।शहरवासियों का कहना है कि हर साल बारिश में यही हाल होता है क्योंकि नालों की सफाई समय पर नहीं की जाती। कई लोगों ने नगर निगम और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब नगर आयुक्त के निवास तक पानी भर जाता है, तो आम जनता की समस्याओं पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है। नागरिकों ने सोशल मीडिया पर भी भारी बारिश के कारण हुए जलभराव की तस्वीरें और वीडियो साझा किए और तंज कसा कि “गाजियाबाद में बारिश का मतलब है सड़क नहीं, नदी का सफर।”
नगर निगम ने नालों की सफाई नहीं की
जानकारी के लिए आपको बता दें कि में जल निकासी की व्यवस्था में गंभीर सुधार की आवश्यकता है। ड्रेनेज सिस्टम की नियमित सफाई और समय-समय पर अपग्रेड न होने के कारण हर बरसात में यही समस्या दोहराई जाती है। उन्होंने कहा कि अगर नगर निगम ने नालों की सफाई और जल निकासी प्रणाली पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में ऐसी आपदाओं का सामना और अधिक गंभीर रूप में करना पड़ सकता है।
लोगों ने नगर निगम पर लगाए आरोप
नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि बारिश के कारण हुई समस्याओं को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है, लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है। लोगों की मांग है कि लंबी अवधि के समाधान के लिए स्थायी सुधार किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने। बारिश ने एक बार फिर साफ कर दिया कि गाजियाबाद में जल निकासी और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने की आवश्यकता अत्यंत गंभीर है। अगर सुधार नहीं हुआ, तो हर बरसात के मौसम में नागरिकों को जलभराव और यातायात जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

