Ghaziabad Drain Accident: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में खुले नालों की समस्या ने फिर एक बार खतरनाक रूप ले लिया। मसूरी थाना क्षेत्र के माजरा झुंडपुरा गांव में घर के पास खेलते समय 11 वर्षीय अहिल का खुले नाले में गिरकर दर्दनाक निधन हो गया। यह घटना न केवल परिवार के लिए मातम लेकर आई है, बल्कि स्थानीय प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों में भारी नाराजगी भी पैदा कर दी है।
हादसे का विवरण
पुलिस के अनुसार, यह दुखद घटना बुधवार शाम की है। अहिल अपने घर से लगभग 50 मीटर की दूरी पर खेल रहा था, तभी असंतुलित होकर लगभग ढाई फीट गहरे खुले नाले में गिर गया। आसपास मौजूद लोग और परिवारजन तुरंत उसे नाले से बाहर निकालने पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद बेहोशी की हालत में उसे हापुड़ के पिलखुवा स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अपर पुलिस उपायुक्त मसूरी, लिपि नागाइच ने बताया कि घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को तत्काल नहीं दी गई थी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। गुरुवार को अहिल का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ग्रामीणों की नाराजगी और आरोप
घटना के बाद इलाके में गहरा शोक और आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस नाले में अहिल गिरा, वह लंबे समय से खुला पड़ा है और न तो उसे ढका गया है और न ही सुरक्षा के लिए कोई दीवार बनाई गई है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस इलाके में बच्चे अक्सर घर के पास ही खेलते हैं, जिससे यह खतरा लगातार बना हुआ है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 8 जनवरी को मोमिन कॉलोनी में पांच महीने के एक बच्चे की भी खुले नाले में गिरने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद नगर निकाय ने अभी तक नालों को ढकने या सुरक्षा इंतजाम करने में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द नालों को ढकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कदम नहीं उठाता है, तो वे यह मुद्दा सीधे जिला मजिस्ट्रेट के सामने रखेंगे।
परिवार की स्थिति
अहिल के पिता जाहिद पेशे से प्लंबर हैं और मूल रूप से ग्रेटर नोएडा के सोहरखा गांव के निवासी हैं। वे अपने परिवार के साथ माजरा झुंडपुरा में रह रहे थे। परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है।
नगर सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर सवाल
यह हादसा हाल ही में नोएडा सेक्टर-150 में हुए एक अन्य दुर्घटना की याद दिलाता है, जिसमें घने कोहरे के बीच एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे और सुरक्षा उपायों की गंभीर कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासी प्रशासन से बार-बार अपील कर चुके हैं कि खुले नालों को ढका जाए और बच्चों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार बनाई जाए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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