Ghaziabad News : सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और हेलमेट के महत्व को रेखांकित करने के लिए गाजियाबाद में एक सख्त अभियान शुरू किया गया है। “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान के तहत अब शहर के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पहुंचने वाले दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत आज, 1 सितंबर 2025 से गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने की है। जिसका नेतृत्व एडीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद ने किया।
सड़क सुरक्षा के लिए क्रांतिकारी कदम
गाजियाबाद में आए दिन होने वाले सड़क हादसों और खासकर हेलमेट न पहनने के कारण होने वाली मौतों ने पुलिस प्रशासन को इस सख्त कदम के लिए प्रेरित किया। हाल ही में NH-9 पर हुए एक दर्दनाक हादसे, जिसमें एक युवक ने हेलमेट न होने के कारण अपनी जान गंवा दी, ने इस अभियान की जरूरत को और बल दिया।
गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने इस अभियान को सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता लाने और हेलमेट को अनिवार्य बनाने के लिए शुरू किया है।एडीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद ने इस अभियान की शुरुआत करते हुए कहा, “हेलमेट न केवल एक ट्रैफिक नियम है, बल्कि यह आपकी जिंदगी का रक्षक है। हमारा मकसद लोगों को दंडित करना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बिना हेलमेट के पेट्रोल न देने का नियम लोगों को हेलमेट पहनने की आदत डालने में मदद करेगा।”
पेट्रोल पंपों पर जागरूकता अभियान
अभियान के पहले दिन, ट्रैफिक पुलिस की टीमें शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर पहुंचीं और वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के महत्व के बारे में जागरूक किया। अधिकारियों ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों को भी सख्त निर्देश दिए कि वे बिना हेलमेट वाले चालकों को ईंधन न दें। इस दौरान कई वाहन चालकों को हेलमेट न होने पर पेट्रोल देने से मना कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने हेलमेट की अहमियत को समझा। पुलिस ने पेट्रोल पंपों पर पोस्टर और बैनर भी लगाए, जिनमें लिखा था, “हेलमेट पहनें, जिंदगी बचाएं” और “नो हेलमेट, नो पेट्रोल”।
साथ ही, लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग की अपील की गई। लोगों की प्रतिक्रिया: समर्थन के साथ कुछ असुविधाइस अभियान को लेकर शहरवासियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे सड़क सुरक्षा के लिए एक जरूरी कदम बताया। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह बहुत अच्छा कदम है। हेलमेट न पहनने की आदत के कारण कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। यह नियम हमें अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक करेगा।”
हादसों के आंकड़े चीख-चीखकर मांग रहे बदलाव
गाजियाबाद में सड़क हादसों के आंकड़े इस अभियान की जरूरत को स्पष्ट करते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में शहर में सैकड़ों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश मामले हेलमेट न पहनने से जुड़े हैं। विशेष रूप से NH-9 जैसे व्यस्त मार्गों पर तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हादसे बढ़ रहे हैं। एडीसीपी सच्चिदानंद ने बताया, “हमारा लक्ष्य गाजियाबाद को सड़क हादसों से मुक्त बनाना है। हेलमेट पहनना एक छोटा सा कदम है, जो बड़े नुकसान को रोक सकता है। हम पेट्रोल पंप संचालकों और आम जनता से सहयोग की अपील करते हैं।”आगे क्या?
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लंबे समय तक जारी रहेगा और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस स्कूलों, कॉलेजों, और सार्वजनिक स्थानों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है। हेलमेट के साथ-साथ अन्य ट्रैफिक नियमों, जैसे सीट बेल्ट का उपयोग और तेज रफ्तार से बचने की भी अपील की जा रही है।
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आप भी लें संकल्प: हेलमेट है जरूरी!“नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान गाजियाबाद में सड़क सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल एक नियम है, बल्कि आपके और आपके परिवार की सुरक्षा का प्रतीक है। गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस की इस पहल को सफल बनाने के लिए हर नागरिक को आगे आना होगा। तो, अगली बार जब आप बाइक पर निकलें, तो हेलमेट जरूर पहनें। क्योंकि आपकी जिंदगी अनमोल है, और एक छोटा सा हेलमेट उसे बचा सकता है।

