Ghaziabad News : ईस्टर्न पेरिफेरल रोड पर मौजूद खामियों को लेकर किसानों और स्थानीय लोगों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि टोल टैक्स का बोझ, अधूरी सुविधाएं, खराब सड़कें और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की कमी से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों की बड़ी परेशानी – टोल टैक्स
स्थानीय किसानों ने कहा कि वे अपने ही गांवों से खेतों में जाने या अनाज मंडियों तक पहुंचने के लिए भी टोल टैक्स चुकाने को मजबूर हैं। लंबे समय से स्थानीय पास या छूट की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक राहत नहीं मिली।

सड़क और सुविधाओं की खामियां
- कई गांवों को जोड़ने वाली सड़कें पूरी तरह नहीं बन पाई हैं।
- अधिग्रहित भूमि का मुआवजा विवाद अभी भी सुलझा नहीं है।
- सीसीटीवी, वेरिएबल मैसेज साइन और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम अधूरे हैं।
- टोल प्लाजा और कई हिस्सों में निर्माण कार्य अधूरे हैं।
- सड़क पर दरारें, असमान सतह और खस्ताहाल साइडबार्स दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
- पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, मरम्मत की दुकानें और टॉयलेट्स जैसी आपातकालीन सुविधाएं नहीं हैं।
हादसों का खतरा बढ़ा
ज्ञापन में कहा गया कि गलत पार्किंग और तेज रफ्तार वाहन अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। वहीं सर्विस रोड न होने और कट न मिलने से ग्रामीण सुरक्षा दीवारों में छेद कर आना-जाना करते हैं, जिससे हादसों की आशंका और बढ़ जाती है।
मांगी गईं सुविधाएं
लोगों ने मांग की कि अधूरे निर्माण कार्य पूरे किए जाएं, सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त हो और स्थानीय वाहनों को टोल टैक्स में छूट दी जाए। इसके अलावा ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम और आपातकालीन सुविधाएं जल्द से जल्द शुरू की जाएं।
-कपिल मेहरा

