Diwali 2025: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या इस समय दीपावली के रंग-बिरंगी सजावट, रोशनी और उत्सव का माहौल छाया हुआ है। पूरा शहर भक्ति, उल्लास और रोशनी से झिलमिला रहा है। पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व वाले अयोध्या दीपोत्सव का आयोजन इस बार पहले से कहीं अधिक भव्यता और नवीनता के साथ किया जा रहा है।
मिट्टी के दीपक और रंगीन रोशनी से सजी राम नगरी
मुख्य कार्यक्रम रविवार यानी आज रात को सरयू घाट पर होगा, जहां एक साथ 26 लाख से अधिक मिट्टी के दीपक जलाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी की गई है। जैसे ही ये दीये एक साथ प्रज्वलित होंगे, पूरी अयोध्या एक दिव्य आभा से नहा उठेगी।
शहर के मंदिरों, सड़कों और घाटों को रंगीन रोशनी और थीम लाइटिंग से सजाया गया है। हर कोना मानो भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी की खुशी में दमक उठा हो।
तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम
इस बार का दीपोत्सव केवल धार्मिक नहीं, बल्कि तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम भी पेश करेगा। कार्यक्रम में भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लेजर लाइट शो, पर्यावरण अनुकूल आतिशबाजी और रामायण पर आधारित ड्रोन शो श्रद्धालुओं का मन मोह लेंगे। ड्रोन शो में भगवान राम के वनवास से लेकर अयोध्या लौटने तक की यात्रा को आसमान में सजीव रूप में दिखाया जाएगा।
सुरक्षा संबंधी पूरी तैयारी
देश और विदेश से लाखों श्रद्धालुओं व पर्यटकों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और आवास संबंधी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विशेष रूप से घाटों, मंदिरों और प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी को असुविधा न हो।
पहले भी विश्व रिकॉर्ड बना चूकी है
अयोध्या इससे पहले भी सबसे अधिक दीपक जलाने के कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। इस बार आयोजन समिति का लक्ष्य पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़कर एक नया इतिहास रचने का है।
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तीन दिन तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में आस्था, कला और आधुनिक तकनीक का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। सचमुच, इस समय अयोध्या “दीपों की नगरी” बन चुकी है। जहां हर दीया भगवान श्रीराम की विजय, प्रेम और प्रकाश का प्रतीक बनकर जगमगा रहा है।

