UP Panchayat election : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को साफ करने का काम हो रहा है, जिसमें तकनीक से डुप्लीकेट नाम पकड़े गए हैं और अब उन्हें हटाने की प्रक्रिया चल रही है। यूपी पंचायत चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की जांच चल रही है। इस जांच में AI (Artificial Intelligence) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
घर-घर जाकर किया जाएगा पता
AI की मदद से पता चला है कि वोटर लिस्ट में बहुत सारे नाम दोहराए गए हैं यानी एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग जगहों पर दर्ज है। अब इन डुप्लीकेट वोटरों की पहचान पक्की करने के लिए जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा, ताकि फर्जी या दोहराए गए वोट हटाए जा सकें।
छह जिलों में 22 लाख से ज़्यादा डुप्लीकेट नाम
आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) से जांच करने पर पता चला कि उन्नाव, हरदोई, कानपुर और बुंदेलखंड क्षेत्र के आसपास के छह जिलों में 22 लाख से ज़्यादा वोटरों के नाम लिस्ट में बार-बार दर्ज हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सके। डुप्लीकेट नाम हटाने से फर्जी मतदान की संभावना कम होगी और वोटर लिस्ट ज़्यादा साफ-सुथरी होगी।
एक रिपोर्ट के अनुसार, AI जांच में सबसे ज़्यादा डुप्लीकेट वोटर नाम हरदोई ज़िले में मिले, जिनकी संख्या करीब 13 लाख है। बाकी ज़िलों में भी लाखों की संख्या में दोहराए गए नाम पाए गए हैं। यह खुलासा तब हुआ जब राज्य सरकार ने मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करने के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया।
यह कदम इसलिए और अहम माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद उठा था। ऐसे में यूपी सरकार का यह प्रयास चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।

