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कुल्हाड़ी, आग और बक्सा, झांसी में रिश्तों की सबसे खौफनाक कहानी, जब हवस ने बनाया हैवान!

Jhansi Crime News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से सामने आई यह वारदात न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि यह दिखाती है कि जब रिश्ते लालच, ब्लैकमेल और अवैध संबंधों में बदल जाएं, तो इंसान किस हद तक गिर सकता है। एक रिटायर्ड रेलकर्मी, जिसने जिंदगी का बड़ा हिस्सा सरकारी सेवा में बिताया, वही शख्स अपनी प्रेमिका की निर्मम हत्या कर उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर देता है और फिर उन्हें जलाकर लोहे के बक्से में आठ दिनों तक छिपाए रखता है।

कैसे खुला खौफनाक राज?

रविवार को झांसी के सीपरी बाजार इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक ऑटो चालक को अपने लोडर से आ रही तेज बदबू पर शक हुआ। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब लोहे का भारी बक्सा खुलवाया, तो उसमें महिला के जले और अधजले शरीर के टुकड़े मिले। इसके बाद जो कहानी सामने आई, उसने हर किसी को सन्न कर दिया।

कौन है आरोपी राम सिंह?

मुख्य आरोपी की पहचान 64 वर्षीय राम सिंह परिहार उर्फ बृजभान के रूप में हुई है। वह रेलवे से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से रिटायर हो चुका था। राम सिंह सीपरी बाजार के नंदनपुरा मोहल्ले का रहने वाला है और उसकी जिंदगी पहले से ही विवादों से भरी थी। उसकी दो शादियां हो चुकी थीं। पहली पत्नी गीता परिहार अपने बेटे-बहू के साथ रहती है, जबकि दूसरी पत्नी गीता रायकवार सैंयर गेट के पास रहती है। परिजनों के मुताबिक, राम सिंह ने सालों पहले पहली पत्नी से दूरी बना ली थी और वह दूसरी पत्नी के साथ ही रह रहा था।

तीसरा रिश्ता बना मौत की वजह

राम सिंह के जीवन में तीसरी महिला की एंट्री ने उसकी दुनिया ही पलट दी। मृतका प्रीति (37) सीपरी बाजार के खाती बाबा मोहल्ले की रहने वाली थी और रेलवे अफसर के घर खाना बनाने का काम करती थी। राम सिंह उससे उम्र में 27 साल बड़ा था, लेकिन उसकी खूबसूरती पर इस कदर मोहित हो गया कि अपनी पूरी पेंशन उसी पर लुटाने लगा। पुलिस के मुताबिक, राम सिंह ने प्रीति के लिए गहने बनवाए, पैसे दिए और उसे किराये के मकान में रखने लगा। लेकिन यह रिश्ता जल्द ही ब्लैकमेल में बदल गया।

ढाई लाख की मांग और धमकी

जांच में सामने आया कि प्रीति ने राम सिंह पर ढाई लाख रुपये देने का दबाव बनाया था। जब राम सिंह ने पैसे देने से मना किया, तो प्रीति ने दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दे दी। इसी धमकी ने राम सिंह को अंदर तक हिला दिया। उसने यह बात अपनी दूसरी पत्नी गीता रायकवार को बताई, जो पहले से ही प्रीति से जलन रखती थी। यहीं से हत्या की साजिश रची गई।

पहले से तैयार थी साजिश

साजिश के तहत राम सिंह ने जनवरी में सीपरी बाजार के ब्रह्मनगर इलाके में किराये पर मकान लिया। उसने शव छिपाने के लिए पहले से नीले रंग का ड्रम भी खरीद रखा था। 8 जनवरी को प्रीति उस मकान में पहुंची और वहीं राम सिंह ने कुल्हाड़ी से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। जब उसने शव को ड्रम में डालने की कोशिश की, तो वजन ज्यादा होने के कारण यह संभव नहीं हो पाया। इसके बाद वह बाजार से एक बड़ा लोहे का बक्सा खरीद लाया।

लाश के टुकड़े, आग और आठ दिन का राज

राम सिंह ने शव के कई टुकड़े किए और उन्हें लोहे के बक्से में भरकर जला दिया। हालांकि, कई टुकड़े पूरी तरह नहीं जल पाए। इसके बावजूद वह आठ दिन तक उन जले हुए अवशेषों को उसी कमरे में छिपाए रहा। बाद में शव ठिकाने लगाने के लिए उसने दूसरी पत्नी के बेटे नितिन को बुलाया। नितिन चार अन्य लोगों के साथ पहुंचा और बक्से को लोडर में रखकर बाहर ले जाया गया।

बदबू ने खोली पोल

जैसे ही लोडर सैंयर गेट की ओर बढ़ा, रास्ते में बक्से से तेज बदबू आने लगी। चालक को शक हुआ और उसने पुलिस को फोन कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बक्सा खुलवाया तो उसमें महिला के अधजले अंग और कोयला मिला। इस दौरान राम सिंह रास्ते से ही भाग निकला, लेकिन उसकी पत्नी गीता रायकवार और बेटा नितिन पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

एक कॉल ने फंसा दिया आरोपी

घटना के बाद SSP बीबी जीटीएस मूर्ति ने कई टीमें गठित कर दीं। पुलिस लगातार राम सिंह की तलाश कर रही थी। वह मोबाइल बंद कर फरार था, लेकिन कुछ घंटों बाद उसने पुलिस की लोकेशन जानने के लिए एक परिचित को फोन किया। मोबाइल ऑन होते ही उसकी लोकेशन ट्रेस हो गई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

DNA जांच से होगी पहचान

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, बक्सा और अन्य सामान बरामद कर लिया है। बक्से से मिले अवशेषों की DNA जांच कराई जाएगी, ताकि पहचान पूरी तरह से पुख्ता हो सके।

चारों आरोपी जेल की राह पर

मृतका प्रीति के पति राजकुमार ने बताया कि उसकी पत्नी 7 जनवरी से लापता थी। उसकी शिकायत पर राम सिंह, उसकी दूसरी पत्नी गीता रायकवार और बेटे नितिन समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

रिश्तों की हैवानियत का खौफनाक उदाहरण

यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जहां हवस, लालच और डर इंसान को हैवान बना देते हैं। झांसी की यह घटना लंबे समय तक लोगों के दिलों में दहशत बनकर रहेगी।

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