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सरकार नया केंद्र शासित प्रदेश बनाना चाहती है…पप्पू यादव के इस दावे पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय

New union territory rumor: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शनिवार को सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि केंद्र सरकार बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को अलग कर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना बना रही है। राय ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि ऐसी खबरों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह तथ्यों के विपरीत है।

राय ने अपने हिंदी पोस्ट में कहा, “बिहार और पश्चिम बंगाल से कुछ जिलों को अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाने की कोई योजना नहीं है। पप्पू यादव के ट्वीट को किसी को भी गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।” उन्होंने स्वतंत्र सांसद और पूर्णिया के प्रतिनिधि राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव को भी टैग किया।

पप्पू यादव का दावा

कांग्रेस समर्थक निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर दावा किया था कि बिहार में राजनीतिक बदलाव और नए राज्यपाल की नियुक्ति के पीछे भाजपा का उद्देश्य सीमांचल और पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल जिलों – मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर – को अलग कर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाना है। यादव ने कहा, “भाजपा केंद्र शासित प्रदेश बनाने का खेल खेल रही है। नीतीश जी को हटाने और लेफ्टिनेंट जनरल गवर्नर को लाने के पीछे यही रणनीति है।”

कुछ अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स ने भी इसी तरह के दावे फैलाए, जिससे अफवाहों को और बल मिला। हालांकि, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने इसे पूरी तरह गलत बताया और जनता से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें।

नीतीश कुमार का राज्यसभा में कदम

इस सप्ताह की शुरुआत में बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा एवं जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं की मौजूदगी में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा संसद के दोनों सदनों और बिहार विधानसभा के दोनों सदनों में सदस्य बनने की रही है।

नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में जनता को धन्यवाद देते हुए कहा, “दो दशकों से अधिक समय से आपने मुझ पर निरंतर विश्वास और समर्थन जताया है, और इसी विश्वास के बल पर हमने पूर्ण समर्पण के साथ बिहार और आप सभी की सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की शक्ति ने ही बिहार को आज विकास और सम्मान के नए आयाम प्रस्तुत करने में सक्षम बनाया है।”

बिहार में नए राज्यपाल की नियुक्ति

इसी बीच, भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लेंगे, जिन्होंने पिछले साल 2 जनवरी को बिहार के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। लेफ्टिनेंट जनरल हसनैन की नियुक्ति को राजनीतिक विशेषज्ञों ने सामान्य प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखा है।

अफवाहों और वास्तविक स्थिति का अंतर

राज्यपाल और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहें अक्सर उभरती रहती हैं। इस मामले में भी पप्पू यादव के ट्वीट ने लोगों में भ्रम फैलाया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि सरकार का ध्यान राज्य के विकास और प्रशासनिक सुचारुता पर है।

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