Rajasthan News: राजस्थान में जयपुर के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह हुआ दर्दनाक हादसा अब एक खौफनाक सच लेकर सामने आया है। लोहामंडी रोड पर हुए इस भीषण सड़क हादसे में 14 लोगों की मौत ने पूरे शहर को हिला दिया। अब गिरफ्तार किए गए डंपर चालक कल्याण मीणा का कुबूलनामा सामने आया है, जिसमें उसने नशे, गुस्से और लापरवाही से हुई इस त्रासदी की पूरी कहानी खुद बयान की है।
क्या है सच?
पुलिस पूछताछ में कल्याण मीणा ने स्वीकार किया कि हादसे के वक्त वह शराब के नशे में था। उसने बताया, “मैंने सुबह से दो बार देशी शराब पी थी। कार वाले ने मुझे टोका, तो गुस्से में मैंने डंपर रॉन्ग साइड से तेज़ भगाना शुरू कर दिया।” इसी गुस्से और नशे ने कुछ ही मिनटों में 14 लोगों की जान ले ली और दर्जनों परिवारों को बर्बाद कर दिया।
कैसे हुआ हादसा
ड्राइवर के बयान के अनुसार, सोमवार सुबह वह अपने गांव से कंपनी के लिए निकला था, जहां से उसे गिट्टी लोड कर जयपुर की तरफ लौटना था। सुबह करीब 9 बजे उसने रास्ते में एक पव्वा देशी शराब पी, लेकिन पुलिस का मानना है कि मात्रा इससे कहीं ज़्यादा थी। लौटते समय उसने रास्ते में शराब की दुकान से दो और पव्वे खरीदे और वहीं पी गया। नशे में धुत वह जब ट्रक लेकर आगे बढ़ा, तो सड़क पर एक कार चालक ने उसे रोका और कहा कि वह लापरवाही से गाड़ी चला रहा है।
कार चालक की यह बात उसे नागवार गुज़री। नशे में झल्लाए कल्याण मीणा ने डंपर को रॉन्ग साइड से तेज़ भगाना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने कई वाहनों को टक्कर मारी एक एक्टिवा सवार को कुचल दिया, फिर कार, बाइक और राह चलते लोगों को रौंदते हुए डंपर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर खून और चीख-पुकार का मंजर था।
ड्राइवर ने कबूली गलती
तीन घंटे की पूछताछ में ड्राइवर ने कहा कि वह कुछ दिनों से घर की परेशानियों और मानसिक तनाव में था, जिससे उसने शराब पीना शुरू कर दिया था। उसने कबूल किया, “मुझे होश नहीं था कि मैं क्या कर रहा हूं, बस गुस्से में डंपर दौड़ा दिया।” पुलिस जांच में पुष्टि हुई कि ड्राइवर शराब के नशे में था। मेडिकल रिपोर्ट, CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयान इस बात की पुष्टि करते हैं। पुलिस अब यह जांच रही है कि कंपनी ने सुरक्षा नियमों का पालन किया था या नहीं।
गलती नहीं, लापरवाही
जयपुर में हादसे को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। नागरिक संगठन और परिजन मांग कर रहे हैं कि नशे में ड्राइविंग को हत्या के समान अपराध माना जाए। प्रशासन ने शहर में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर सख्त निगरानी और अभियान चलाने की घोषणा की है। यह हादसा सिर्फ एक गलती नहीं, बल्कि नशे और गुस्से में की गई जानलेवा लापरवाही है जिसने 14 निर्दोष ज़िंदगियां छीन लीं और एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया कि क्या नशे की स्टीयरिंग पर कानून की पकड़ अब भी ढीली है?
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