होम = State = राजस्थान = चित्तौड़गढ़ : सांवलिया जी चिकित्सालय के ठेका कर्मियों को 5 महीने से वेतन नहीं, बढ़ा आर्थिक संकट

चित्तौड़गढ़ : सांवलिया जी चिकित्सालय के ठेका कर्मियों को 5 महीने से वेतन नहीं, बढ़ा आर्थिक संकट

Chittorgarh News : राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजकीय श्री सांवलिया जी चिकित्सालय में कार्यरत ठेका कर्मियों को पिछले पांच महीनों से वेतन नहीं मिला है। लंबे समय से पगार न मिलने के कारण कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है और वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। अस्पताल में कार्यरत करीब 200 से 250 ठेका कर्मियों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई के घरों में रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है।

कलेक्टर से मिले ठेका कर्मी, जल्द वेतन जारी करने की गुहार

वेतन भुगतान की मांग को लेकर ठेका कर्मी सोमवार को जिला कलेक्टर आलोक रंजन से मिलने पहुंचे। कर्मचारियों ने प्रशासन से शीघ्र वेतन जारी करने की अपील की।

कर्मचारियों का आरोप है कि जब भी वेतन की बात उठाते हैं, तो अस्पताल प्रशासन उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी देता है। इसी डर से कई कर्मी मीडिया के सामने आने से भी कतराते रहे।

ठेका समाप्त, पर कर्मियों की सेवा जारी

सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में ठेका अवधि पिछले पांच महीने पहले ही समाप्त हो चुकी है, बावजूद इसके कर्मियों से सेवाएं ली जा रही हैं। अब सवाल यह है कि बकाया वेतन का भुगतान किस बजट मद से किया जाएगा, इस पर प्रशासन ने अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। चिकित्सालय प्रबंधन और जिला प्रशासन दोनों ही स्तरों पर मामले को लेकर चुप्पी बनी हुई है।

मेहनतकश कर्मियों की पीड़ा बनी प्रशासनिक चुनौती

बिना वेतन के लगातार पांच महीनों से काम कर रहे ये ठेका कर्मी अब जीविका संकट से गुजर रहे हैं। अस्पताल के सुचारू संचालन में इन कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन समय पर वेतन न मिलना प्रशासनिक लापरवाही और ठेका प्रणाली की खामियों को उजागर करता है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

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