Gyanodaya Conclave : जयपुर नगर निगम ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर ने कहा कि जब भी ईमानदारी और निष्ठा से काम करने का प्रयास किया जाता है, तो संघर्ष और चुनौतियाँ आना स्वाभाविक है। लेकिन अगर दृढ़ निश्चय हो तो हर मुश्किल आसान लगती है। उन्होंने बताया कि वह संघर्षों को एक कविता के माध्यम से याद करती हैं, जिससे उन्हें हमेशा सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।सौम्या गुर्जर ने कहा कि गुलाबी नगरी जयपुर लगभग 298 साल पुराना शहर है। इसको संवारने की जिम्मेदारी उनके लिए गर्व और अवसर दोनों है। उन्होंने बताया कि हाल ही में सर्वेक्षण में जयपुर की रैंकिंग 173वें स्थान से सुधरकर 16वें स्थान तक पहुंच गई है। इसके लिए जयपुर नगर निगम को विज्ञान भवन में राष्ट्रपति के समक्ष स्टेट मिनिस्ट्रियल अवॉर्ड भी मिला। उनका लक्ष्य है कि आने वाले समय में जयपुर को देश का नंबर वन शहर बनाया जाए।
महापौर ने कहा कि दीपावली जैसे त्योहार केवल खुशी का प्रतीक ही नहीं होते, बल्कि स्वच्छता की बड़ी चुनौती भी लेकर आते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर त्योहार को स्वच्छ उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से जयपुर नगर निगम ने 3R वैन (रीयूज, रीसायकल और रिड्यूस) की शुरुआत की है। यह वैन घर-घर जाकर अनुपयोगी सामान जैसे कपड़े, खिलौने, किताबें और फर्नीचर इकट्ठा कर उन्हें जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाती है। इस पहल से न केवल कचरा प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि गरीब परिवारों के चेहरों पर मुस्कान भी आएगी।
सौम्या गुर्जर ने कहा कि नगर निगम केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जनजागरूकता भी उसकी जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत अंत्योदय कार्यक्रम चलाया गया, जिसमें ठेला वेंडर्स को स्वच्छता का शपथ दिलाया गया और उन्हें निगम का सहयोगी बनाया गया। इसके अलावा उन्होंने शक्ति बंधन कार्यक्रम में स्कूलों और बच्चियों से संवाद करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनने का संदेश दिया।
स्वच्छता ही सेवा !
— News India 24×7 (@newsindia24x7_) October 7, 2025
राजस्थान में न्यूज़ इंडिया का ‘ज्ञानोदय’ कॉन्क्लेव
“लोगों को जागरूक करना ही सबसे बड़ी सेवा है,
ताकि हर नागरिक स्वच्छ सर्वेक्षण में अपनी भूमिका निभाए और हमारा शहर स्वच्छता में अव्वल बने”
: सौम्या गुर्जर मेयर, जयपुर #GyanodayaConclave2025 l #Rajasthan… pic.twitter.com/rSyqqT3wYO
महापौर ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता हमारी संस्कृति का हिस्सा रही है। प्रधानमंत्री द्वारा चलाए गए स्वच्छ भारत मिशन ने पूरे देश में यह चेतना दोबारा जगाई है। “हमारे पूर्वज बिना प्लास्टिक के, धातु के बर्तनों के साथ जीवन जीते थे। घर और आसपास की स्वच्छता हमारी जिम्मेदारी होती थी। अब हमें उसी परंपरा को पुनः अपनाना है।”
उन्होंने जयपुर की यातायात व्यवस्था पर भी चिंता जताई। सौम्या गुर्जर ने कहा कि शहर की बढ़ती जनसंख्या और गाड़ियों की संख्या यातायात को बड़ी चुनौती बना रही है। इसके लिए सरकार लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है, लेकिन नागरिकों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी। “अगर परिवार के तीन सदस्य एक ही गाड़ी में जा सकते हैं तो अलग-अलग वाहन न निकालें। पार्किंग के नियमों का पालन करें और एंबुलेंस जैसी सेवाओं को बाधित न करें।”
मेयर ने कहा कि जयपुर केवल पर्यटन का केंद्र ही नहीं होना चाहिए, बल्कि यहां के स्थानीय लोगों के लिए भी यह रहने लायक सबसे सुंदर और स्वच्छ शहर बने। “हम सब मिलकर जयपुर को विश्व पटल पर नंबर वन बनाएंगे। जब शहर स्वच्छ और आकर्षक होगा तो टूरिस्ट आएंगे, टूरिज्म इकोनॉमी बढ़ेगी और विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी।

