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राजस्थान में सड़क सुरक्षा अभियान का बड़ा असर: लोगों में फैली जागरूकता, 31 हजार चालकों पर हुई सख्त कार्रवाई

Rajasthan News: राजस्थान के जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर शुरू किया गया 15 दिवसीय विशेष अभियान अब राज्यभर में असर दिखाने लगा है। 4 नवंबर से 18 नवंबर तक चल रहे इस अभियान का मकसद सड़क हादसों को कम करना और आम जनता में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

क्या है आंकड़े

पुलिस विभाग के मुताबिक, अब तक 2 लाख 88 हजार 906 लोगों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जा चुकी है। साथ ही सड़क पर लापरवाही बरतने वालों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। आंकड़ों के अनुसार, शराब पीकर वाहन चलाने पर 4,979, तेज रफ्तार पर 31,613, गलत दिशा में चलने पर 22,773, खतरनाक ड्राइविंग पर 2,129, बिना रिफ्लेक्टर के 6,549, और बिना नंबर प्लेट वाले 12,453 चालकों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई।

लेन ड्राइविंग लागू

राज्यभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर अब NH-48 मॉडल के तहत लेन ड्राइविंग लागू की जा रही है। पुलिस और परिवहन विभाग ने मिलकर लेन डिसिप्लिन तोड़ने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की है। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने अब तक 12,453 वाहनों के चालान काटे हैं। इनमें ओवरलोडिंग के 805, मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाने के 293, और अन्य यातायात उल्लंघनों पर 8,245 चालान शामिल हैं। इसके साथ ही विभाग ने 308 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द, 65 वाहनों के रजिस्ट्रेशन निरस्त, 608 वाहनों को सीज, और 33 परमिट रद्द किए हैं।

चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका

अभियान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने भी अहम भूमिका निभाई है। 11 नवंबर को राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर 1,334 ट्रक व बस चालकों की नेत्र जांच की गई और 196 चालकों को चश्मे वितरित किए गए। अब तक कुल 8,006 चालकों की जांच कर 1,263 लोगों को चश्मे दिए जा चुके हैं। वहीं, PWD, नगरीय विकास विभाग और स्थानीय निकायों ने सड़क किनारे की झाड़ियों को हटाने, साइन बोर्ड लगाने, टूटी सड़कों और स्पीड ब्रेकरों की मरम्मत करने, फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने और स्ट्रीट लाइट्स दुरुस्त करने जैसे काम तेजी से पूरे किए हैं।

राजस्थान सरकार का यह अभियान अब सिर्फ नियम पालन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन में बदलने की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रहा है। राज्य में उम्मीद की जा रही है कि इस सख्ती से आने वाले दिनों में सड़क हादसों की संख्या में बड़ी कमी देखी जाएगी।

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