होम = State = राजस्थान = रहस्यमयी हालात में चलती ट्रेन से गिरा कोटा का कोचिंग छात्र, मौत से पहले की हरकत और मानसिक स्थिति बना जांच का केंद्र

रहस्यमयी हालात में चलती ट्रेन से गिरा कोटा का कोचिंग छात्र, मौत से पहले की हरकत और मानसिक स्थिति बना जांच का केंद्र

Rajasthan News: राजस्थान के कोटा में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे कोचिंग सिटी को झकझोर कर रख दिया। पटना से आए 19 वर्षीय कोचिंग छात्र दीपक कुमार की चलती ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। मामला जितना दर्दनाक है उतना ही रहस्यमयी भी क्योंकि मौत से पहले दीपक की गतिविधियों और मानसिक स्थिति जांच का केंद्र बन गई है।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, दीपक कोटा के विज्ञान नगर इलाके में एक हॉस्टल में रहकर प्रतिष्ठित मोशन कोचिंग संस्थान से तैयारी कर रहा था। सोमवार रात करीब 8 बजे वह हॉस्टल से बिना बताए बाहर निकला। बाद में पता चला कि उसकी बहन जो खुद भी कोटा में रहकर पढ़ाई कर रही है, उसी के साथ वह पटना लौटने के लिए ट्रेन में सवार हुआ था। ट्रेन जब देर रात केशोरायपाटन स्टेशन के निकट पहुंची, तभी अचानक दीपक ट्रेन से नीचे गिर पड़ा। गिरने की वजह क्या थी- फिसलन, असंतुलन, या कुछ औरयह अभी भी स्पष्ट नहीं है। गंभीर चोटों की वजह से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

डिप्रेशन से गुजर रहा था दीपक

हॉस्टल वार्डन राजकुमार मेघवाल ने बताया कि दीपक पिछले कुछ दिनों से डिप्रेशन जैसी मानसिक स्थिति से गुजर रहा था। परिजनों को इसकी जानकारी नहीं थी, पर वार्डन का कहना है कि वह कई बार अकेला और परेशान दिखाई देता था। उसकी बहन के साथ अचानक पटना लौटने का फैसला भी अब जांच के दायरे में है। वार्डन ने बताया कि बहन सुरक्षित है और उसने बताया कि ट्रेन से गिरने की घटना अचानक हुई, वह कुछ समझ पाती इससे पहले ही हादसा हो गया।

बहन ने दिया बयान

केशोरायपाटन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस दीपक के मोबाइल, उसकी बहन के बयान और ट्रेन के यात्रियों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी। कोटा में यह घटना एक बार फिर उन सवालों को खड़ा करती है कि छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव के बीच सुरक्षा और काउंसलिंग कितनी जरूरी हो चुकी है।

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