Rahul Gandhi speech: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित ‘किसान महा चौपाल’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता केंद्रीय मंत्रिमंडल से चर्चा किए बिना ही कर लिया। गांधी का कहना था कि यह पूरा फैसला गोपनीय तरीके से लिया गया और इससे देश के किसानों को नुकसान होगा।
समझौते को लेकर गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिका के साथ हुआ यह व्यापार समझौता पूरी तरह वॉशिंगटन की शर्तों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भारतीय किसानों के हितों की अनदेखी की है। उनके अनुसार, यदि सरकार में साहस है तो उसे इस समझौते को तुरंत रद्द कर देना चाहिए। गांधी ने कहा कि यह किसी भी तरह से संतुलित समझौता नहीं है, बल्कि किसानों के हितों पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने मंच से प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि अमेरिका के साथ हुए इस करार की शर्तें सार्वजनिक की जाएं और यदि यह देशहित में नहीं है तो इसे वापस लिया जाए। उनका आरोप था कि इस समझौते के जरिए देश का महत्वपूर्ण डेटा भी अमेरिका को सौंप दिया गया है।
जवाबदेही पर सवाल
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर संसद में जवाब देने से बचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हालिया बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री लोकसभा में ठोस जवाब नहीं दे सके और चर्चा से बचते नजर आए। गांधी ने यह भी कहा कि यह समझौता पिछले कई महीनों से लंबित था क्योंकि इससे कृषि और कृषि उत्पादों पर प्रभाव पड़ना तय था।
उनका दावा था कि न तो किसान, न ही खेत मजदूर और यहां तक कि सरकार के भीतर भी कई लोग इस समझौते के पक्ष में नहीं थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संसद से निकलने के बाद प्रधानमंत्री ने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे बातचीत कर समझौते को आगे बढ़ाया।
युवाओं और कार्यकर्ताओं को संदेश
सभा के दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवाओं को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वे किसी से डरने वाले नहीं हैं और लोकतंत्र में सवाल पूछना उनका अधिकार है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश के मुद्दों पर सजग रहें और सरकार से जवाब मांगें।
एपस्टीन फाइलों का जिक्र
अपने भाषण में गांधी ने कथित ‘एपस्टीन फाइलों’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आया है और भविष्य में अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी उजागर हो सकते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए और देश को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। उनके इन बयानों से राजनीतिक हलकों में एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है।

