Punjab 48 वर्षीय सारबजीत कौर भारत से पाकिस्तान तीर्थयात्रा पर अपने जत्थे के साथ गई थीं, लेकिन वापस लौटने के बजाय उन्होंने पाकिस्तान में इस्लाम कबूल कर नसीर हुसैन नामक पाकिस्तानी नागरिक से शादी की है। पंजाब की 48 वर्षीय सिख महिला सारबजीत कौर, जो गुरु नानक देव जी की जयंती पर आयोजित तीर्थयात्रा जत्थे के साथ पाकिस्तान आई थीं, अचानक लापता हो गई। जब जत्था 13 नवंबर को वापस भारत लौटा, तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
बाद में यह उजागर हुआ कि कौर ने 5 नवंबर को शेखूपुरा (पाकिस्तान) में नसीर हुसैन नामक स्थानीय युवक से Nikahnama (इस्लामी विवाह अनुबंध) के जरिए शादी कर ली। कोर्ट में वह बताती हैं कि यह फैसला उन्होंने अपनी पूरी मर्जी से लिया — किसी दबाव या जबरदस्ती का इस्तेमाल नहीं हुआ।
महिला ने अपना नाम बदलकर नूर रखा है
धर्मांतरण के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर “नूर” रखा है और मजिस्ट्रेट के सामने शपथ पत्र में कहा है कि वह अब अपने पति के साथ रहना चाहती हैं। nikahnama के दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि विवाह में 10,000 रुपये दहेज दिया गया था। उनकी मर्जी पर जोर देते हुए कौर यह साफ करती हैं कि उन्होंने नसीर को लगभग नौ साल तक सोशल मीडिया पर जाना था और उनका प्रेम स्थिर रहा। साथ ही उन्होंने कहा कि वह तलाकशुदा हैं और उनके दो बच्चे हैं।
पंजाब पुलिस उनकी गुमशुदगी की जांच कर रही है
इस मामले की वजह से भारत-पाक के बीच सामाजिक और राजनैतिक बहस तेज हो गई है। पंजाब पुलिस उनकी गुमशुदगी की जांच कर रही है, जबकि पाकिस्तान में उनके भविष्य (वहाँ रहना या वापस भेजे जाना) पर भी कानूनी प्रक्रिया चल रही है। कौर ने यह दावा भी किया है कि शादी के बाद उन्हें और उनके पति को “कुछ लोगों” ने धमकाया और उनके घर में घुसकर दिक्कतें पैदा कीं, इसलिए उन्होंने पाकिस्तान सरकार से सुरक्षा की मांग की है।

