Lawrence Bishnoi Gang: चंडीगढ़ सेक्टर-26 में मंगलवार को हुए सनसनीखेज शूटआउट ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दिनदहाड़े मारे गए इंदरप्रीत पैरी की हत्या की जिम्मेदारी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने खुलेआम सोशल मीडिया पर लेते हुए दावा किया कि पैरी उनके गिरोह का “गद्दार” था। पोस्ट वायरल होते ही पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है और साइबर टीम सभी डिजिटल कंटेंट खंगाल रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट से मचा हड़कंप
गैंग से जुड़े आरजू बिश्नोई, हरी बॉक्सर, शुभम लोंकर और हरमन संधू द्वारा की गई पोस्ट की शुरुआत “जय श्रीराम, जय बजरंगबली” से होती है। इसके बाद उन्होंने लिखा- वे एक “नई जंग” शुरू कर चुके हैं और पैरी को इसलिए खत्म किया गया क्योंकि वह “गोल्डी या रोहित” के नाम पर क्लब मालिकों से उगाही करता था। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि पैरी पहले हरी बॉक्सर की हत्या की कोशिश कर चुका था और सिप्पा मर्डर केस में भी शामिल था।
क्लब मालिकों और समर्थकों पर निशाना
गैंग ने चेतावनी जारी की कि जो भी पैरी या उसके गिरोह का समर्थन करेगा उसे नहीं छोड़ा जाएगा। क्लब मालिकों को साफ संदेश दिया गया कि अगर उन्होंने प्रतिद्वंदी ग्रुप को पैसा दिया, तो परिणाम बेहद खतरनाक होंगे। पोस्ट में यहां तक लिखा है कि जरूरत पड़ी तो वे जेलों के अंदर तक पहुंचकर भी बदला लेने से नहीं डरेंगे।
पैरी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
सेक्टर-33 निवासी पैरी पर 20 से अधिक केस दर्ज थे। वह न केवल लॉरेंस बिश्नोई के करीब था, बल्कि गोल्डी बराड़, भगवानपुरिया ग्रुप, देवेंद्र बंबीहा नेटवर्क और संपत नेहरा जैसे गैंगों से भी जुड़ा हुआ था। लगातार गिरोह बदलना शायद उसकी मौत की वजह बन गया।
पुलिस ने बढ़ाई सख्ती
घटना के बाद इलाके में नाकाबंदी कर दी गई है और फरार हमलावरों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस को आशंका है कि यह हत्या संगठित अपराध की एक नई जंग की शुरुआत हो सकती है।
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