three-language policy :बीते 20 साल में पहली बार होगा जब शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे शनिवार को मंच साझा करेंगे. दोनों नेता राज्य में तीन-भाषा नीति से संबंधित सरकारी प्रस्तावों (JR) को वापस लेने के उपलक्ष्य में अपनी पार्टियों द्वारा आयोजित एक संयुक्त विजय रैली को संबोधित करेंगे.यह रैली मध्य मुंबई के वर्ली में NSCI डोम में आयोजित की जा रही है. यह इलाका शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे के विधानसभा क्षेत्र में आता है. आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले इस सभा का आयोजन महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
20 साल में पहली बार एक मंच पर दिखेंगे
पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने अविभाजित शिवसेना छोड़ने के बाद ,मराठी भाषा और पहचान के मुद्दों पर मुखर रही उद्धव और राज ठाकरे ने आखिरी बार 2005 में मालवण विधानसभा उप चुनाव अभियान के दौरान मंच साझा किया था. राज ठाकरे ने उसी साल बाद में पार्टी छोड़ दी और 2006 में MNS की शुरुआत की.
क्यों आयोजित की जा रही है रैली
ठाकरे परिवार की यह रैली महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार द्वारा 16 अप्रैल को जारी किए गए जीआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के लिए है. बता दें कि सरकार द्वारा प्रस्तावित जीआर के अनुसार अंग्रेजी और मराठी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा बना दिया था. हालांकि विरोध के बाद सरकार ने 17 जून को जीआर में संशोधन किया और अब ये वैकल्पिक हो गई. उसके बाद 29 जून को कैबिनेट ने दोनों जीआर को पूरी तरह से वापस लेने का फैसला किया था.
उसी दिन शिवसेना (यूबीटी) और MNS के नेताओं ने जीआर की प्रतियां जलाईं और 5 जुलाई को विरोध मार्च की योजना बनाई थी. दोनों दलों ने इसके बजाय एक संयुक्त विजय समारोह आयोजित करने का फैसला किया. उद्धव और राज ने तब कहा था कि महाराष्ट्रियों की एकता को देखकर सरकार झेंप गई और नहीं चाहती कि वे एक साथ आएं.

