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TCS में यौन उत्पीड़न शिकायतें 5 गुना बढ़ीं, रिपोर्ट से मचा हड़कंप, निदा खान मामले की सच्चाई आई सामने

TCS Sexual Harassment: देश की दिग्गज आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) एक चौंकाने वाले खुलासे के बाद चर्चा में है। कंपनी की हालिया वार्षिक रिपोर्ट में सामने आया है कि पिछले पांच वर्षों में महिला कर्मचारियों से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच ऐसी शिकायतें करीब पांच गुना तक बढ़कर 125 तक पहुंच गई हैं। इस खुलासे के बाद कार्यस्थल सुरक्षा और कंपनी के आंतरिक सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं।

क्या सच में बढ़े हैं उत्पीड़न के मामले?

पहली नजर में ये आंकड़े चिंताजनक जरूर लगते हैं, लेकिन कंपनी से जुड़े सूत्र इसे अलग तरीके से देख रहे हैं। उनका कहना है कि शिकायतों में बढ़ोतरी का मतलब जरूरी नहीं कि घटनाएं बढ़ी हैं, बल्कि यह बेहतर रिपोर्टिंग सिस्टम और जागरूकता का संकेत भी हो सकता है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने ‘POSH’ (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम) से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को मजबूत किया है। इससे महिलाएं अब पहले के मुकाबले ज्यादा खुलकर शिकायत दर्ज करा रही हैं।

नासिक यूनिट बना चर्चा का केंद्र

हाल ही में नासिक स्थित बीपीओ यूनिट से जुड़े मामलों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। यहां सामने आई घटनाओं के बाद पुलिस और आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि नासिक ऑफिस को बंद या सील नहीं किया गया है। कुछ कर्मचारी अभी भी ऑफिस से काम कर रहे हैं, जबकि बाकी को वर्क फ्रॉम होम या फ्लेक्सिबल ऑप्शन दिया गया है।

निदा खान को लेकर क्या है सच्चाई?

इस पूरे मामले में एक नाम लगातार सुर्खियों में है निदा खान। शुरुआत में उन्हें एचआर बताया जा रहा था, लेकिन बाद में कंपनी के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि वह एक टेलीकॉलर के रूप में कार्यरत थीं। सूत्रों के अनुसार, वह फिलहाल मुंबई में अपने परिवार के साथ हैं और फरार नहीं हैं। उनके वकील ने बताया है कि उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में अर्जी दी है, जिस पर जल्द सुनवाई हो सकती है। दूसरी ओर, जांच के तहत पुलिस टीम उनसे जुड़े तथ्यों की पुष्टि में जुटी हुई है।

सुरक्षा और जांच पर कंपनी का रुख

TCS हर साल ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013’ के तहत अनिवार्य प्रक्रिया का पालन करती है। सभी मामलों की जांच आंतरिक शिकायत समिति के जरिए की जाती है। नासिक और नागपुर यूनिट से जुड़े आरोपों की भी इसी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है। कंपनी का कहना है कि वह कर्मचारी सुरक्षा और पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है और रिपोर्टिंग सिस्टम को और मजबूत बनाया जाएगा।

क्या हुई शिकायतों में बढ़ोतरी

TCS की रिपोर्ट ने एक अहम बहस को जन्म दिया है क्या शिकायतों में बढ़ोतरी वास्तव में असुरक्षा का संकेत है, या यह बेहतर सिस्टम और बढ़ते भरोसे का परिणाम है? जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी, लेकिन फिलहाल यह मामला कॉर्पोरेट भारत में कार्यस्थल सुरक्षा पर नई चर्चा जरूर छेड़ चुका है।

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