Maharashtra: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उद्धव ठाकरे की मुलाकात के बाद से राज्य की सियासत को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इसी बीच रविवार को शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा, संस्कृति और जनता के हितों की रक्षा के लिए हमारा एक साथ आान जरूरी है। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा, “अगर इससे किसी को दिक्कत है, तो यह उनकी समस्या है।”
‘वही करेंगे जो MVA के घटक दल कहेंगे’
पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि कांग्रेस से बातचीत में यह सहमति बनी है कि वह किस सीट पर किसके साथ गठबंधन करेगी इसका निर्णय भी स्थानीय स्तर पर लिया जाएगा। उद्धव ने कहा, “हम वही करेंगे जो एमवीए के घटक दल राजनीतिक रूप से उचित समझेंगे।”
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उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनका मकसद ‘मराठी मानुष’, महाराष्ट्र धर्म और मराठी भाषा की रक्षा करना है। राज ठाकरे से संभावित गठबंधन की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “हम एक ही ज़मीन से आए हैं और एक ही संस्कृति की लड़ाई लड़ रहे हैं।” इस दौरान उद्धव ठाकरे ने हाल ही में RSS प्रमुख मोहन भागवत द्वारा संघ विचारक स्वर्गीय मोरोपंत पिंगले की 75 वर्ष की उम्र में पद छोड़ने संबंधी बयान का उल्लेख करने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराधिकारी कौन होगा, यह बीजेपी का आंतरिक मामला है। ठाकरे ने कहा, “हो सकता है कि उन्हें इसका जवाब मिल गया हो और शायद इसीलिए भागवत ने यह बात कही हो।”
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