Maharashtra Heat Wave Working Rules: देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हीटवेव के खतरे को देखते हुए सरकार ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की है, जिसका मकसद खासतौर पर आउटडोर काम करने वाले श्रमिकों को सुरक्षित रखना है। इस नई व्यवस्था के तहत अब काम के घंटों में बड़ा बदलाव किया गया है और दोपहर के समय काम पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला लिया गया है।
काम का बदला टाइमटेबल
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब श्रमिकों के लिए काम का समय इस प्रकार तय किया गया है-
सुबह: 6 बजे से 11 बजे तक
शाम: 4 बजे से 8 बजे तक
वहीं, दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक काम पूरी तरह बंद रहेगा। यह समय दिन का सबसे ज्यादा गर्म हिस्सा माना जाता है, जब हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा चरम पर होता है।
हाइड्रेशन ब्रेक अनिवार्य
नई गाइडलाइन में श्रमिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कई जरूरी प्रावधान किए गए हैं-
हर कार्यस्थल पर पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था
ORS और इलेक्ट्रोलाइट्स की उपलब्धता
नियमित अंतराल पर हाइड्रेशन ब्रेक
छाया में आराम करने की सुविधा
इन कदमों का उद्देश्य श्रमिकों को गर्मी से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाना है।
कूलिंग ज़ोन और शेड की व्यवस्था
सरकार ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे काम के स्थानों पर अस्थायी शेड और कूलिंग ज़ोन तैयार करें। इससे मजदूरों को तेज धूप से राहत मिल सकेगी और वे सुरक्षित वातावरण में काम कर सकेंगे।
हीटवेव से बचाव पर सख्ती
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने पर संबंधित संस्थानों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
मजदूरों की सुरक्षा पर फोकस
भीषण गर्मी के बीच यह नई SOP मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार का यह कदम साफ दिखाता है कि अब श्रमिकों की सेहत और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले दिनों में यदि तापमान और बढ़ता है, तो ऐसे और भी सख्त कदम देखने को मिल सकते हैं।
ये भी पढ़ें: बारिश भी बेअसर! उत्तर भारत में आग उगलता आसमान, 45°C के पार पारा

