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महाराष्ट्र में SC/ST एक्ट को लेकर बढ़ा विवाद, मंत्री शिरसाट ने कही अहम बात

Maharashtra SC-ST Act Change Rumour: महाराष्ट्र में SC/ST (एट्रोसिटी) एक्ट को लेकर हाल ही में उठी चर्चाओं ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही मोर्चों पर हलचल मचा दी है। ऐसा तब हुआ जब विधानसभा में यह चर्चा हुई कि अब इस कानून में बदलाव किया जा सकता है और आरोपों के पहले जांच समिति द्वारा समीक्षा होगी। इसके बाद दलित समुदाय और विपक्षी दलों में चिंता और नाराजगी फैल गई।

क्या है पूरा मामला

महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने सदन में साफ किया कि सरकार ने कानून में कोई बदलाव नहीं किया है और न ही कोई ऐसा प्रस्ताव है जिसमें तुरंत गिरफ्तारी की प्रक्रिया प्रभावित हो। उन्होंने कहा, “जो कानून पहले था, वही रहेगा। यदि किसी दलित व्यक्ति पर अन्याय या अत्याचार होता है, तो उसके खिलाफ तुरंत मामला दर्ज होगा और आरोपी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

कानून कैसे होगा लागू

मंत्री शिरसाट ने बताया कि हाल ही में विधानसभा में उन्होंने एट्रोसिटी एक्ट के क्रियान्वयन पर अपनी बात रखी थी। उनका उद्देश्य सिर्फ यह स्पष्ट करना था कि कानून कैसे लागू होता है और हर मामले में जांच प्रक्रिया की क्या भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग समाज में गलतफहमियां फैला रहे हैं, जैसे कि अब कानून के तहत मामले दर्ज नहीं होंगे या गिरफ्तारी नहीं होगी। “यह पूरी तरह झूठ और अफवाह है। मेरा मकसद हमेशा दलित समुदाय को न्याय दिलाना है, अन्याय करने का नहीं।”

समाज में भ्रम पैदा

संजय शिरसाट ने आगे कहा कि अफवाह फैलाने वाले लोग केवल समाज में भ्रम पैदा कर रहे हैं। उन्होंने दलित समुदाय को आश्वस्त किया कि किसी भी अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि अगर कहीं भी अन्याय होता है, तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल भी बढ़ा दी है। दलित संगठनों और विपक्षी नेताओं ने इस घोषणा को कानून को कमजोर करने की कोशिश माना। लेकिन मंत्री शिरसाट के स्पष्ट बयान ने स्थिति को कुछ हद तक संतुलित किया।

उन्होंने दोहराया कि एट्रोसिटी एक्ट पर कोई बदलाव नहीं हुआ है और कानून पहले जैसा ही लागू रहेगा। मंत्रा शिरसाट का यह स्पष्टीकरण दलित समुदाय के लिए एक संदेश भी है कि उनका अधिकार और सुरक्षा हमेशा सरकार की प्राथमिकता रहेगी।

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