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Maharashtra News: अजित पवार के ‘फंड रोक’ बयान पर बढ़ा राजनीतिक विवाद, सुप्रिया सुले ने चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की

Maharashtra News: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बयान के बाद प्रदेश की सियासत में बयानबाजी की आज सुलग रही है। हाल ही में अजित पवार ने बयान दिया था कि तुम्हारे पास वोट हैं तो हमारे पास फंड है। उनके इसी बयान पर जमकर बवाल हो रहा है। इसके साथ ही उनकी इस टिप्पणी पर विपक्षी पार्टियां भी जमकर हमलावर हो गई हैं।

अजित पवार के बयान से बवाल

इस बीच एनसीपी (सपा) नेता और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने भी अजित पवार के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि भारत के चुनाव आयोग को उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा विकास निधि को मतदाता समर्थन से जोड़ने वाली टिप्पणियों पर नज़र रखनी चाहिए और इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

बता दें कि बीते  कुछ दिन पहले अजित पवार महाराष्ट्र की बारामती तहसील के मालेगांव में नगर पंचायत चुनावों के लिए रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने कुल 18 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। उन्होंने कहा ‘अगर आप सभी 18 NCP उम्मीदवारों को चुनते हैं तो मैं यह पक्का करूंगा कि फंड की कोई कमी न हो’।

‘मेरे पास बहुत फंड है’

बीजेपी-एनसीपी-शिवसेना महायुति सरकार में वित्त मंत्रालय संभाल रहे पवार ने कहा ‘अगर आप उन सभी को चुनते हैं तो मैंने जो भी वादा किया है, उसे पूरा करूंगा। लेकिन अगर आप मेरे उम्मीदवारों को काट देंगे, तो मैं भी (फंड) काट दूंगा। आपके पास वोट देने की पावर है। मेरे पास फंड जारी करने की पावर है। अब तय करें कि आप क्या करना चाहते हैं’।

ऐसे बयानों पर नजर रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी- सुप्रिया सुले

वहीं दूसरी तरफ वोट न देने के बदले फंड रोक देने के पवार के बयान पर विपक्ष ने अजित पवार की कड़ी आलोचना की है। नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा ‘एक मज़बूत लोकतंत्र में ऐसे बयानों पर नज़र रखना (चुनाव आयोग की) नैतिक जिम्मेदारी है, लेकिन आजकल हम ऐसी चीजें होते नहीं देख सकते। मैंने खुद चुनाव आयोग में एक मुकदमा लड़ा है, लेकिन सारे दस्तावेज़ होने के बावजूद हमें न्याय नहीं मिला’।

इसके साथ ही बारामती की सांसद ने दावा किया, ‘हमें चुनाव आयोग पर भरोसा और विश्वास रखना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ सालों में समाज और अखबारों में चुनाव आयोग के प्रति असंतोष देखा जा सकता है’।

अजित पवार के  बयान से विपक्ष नाराज

बता दें कि इससे पहले अजित पवार के बयान पर उद्धव ठाकरे की शिवसेना और कांग्रेस ने हमला बोलते हुए कहा कि अगर अजित पवार इस तरह से धमकी देते है तो चुनाव आयोग को उनके बयान का संज्ञान लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। पार्टियों ने आरोप लगाया कि चुनाव में सत्ता पक्ष के लोग दबावतंत्र का कर इस्तेमाल कर रहे हैं।

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