TCS Religious Conversion Case: महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक BPO सेंटर में सामने आया मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। यहां की HR मैनेजर निदा खान, जिसे कर्मचारी ‘दबंग मैम’ के नाम से जानते थे, गंभीर आरोपों के चलते पुलिस के रडार पर है। धर्मांतरण के दबाव, यौन उत्पीड़न और संगठित तरीके से कर्मचारियों को निशाना बनाने जैसे आरोपों ने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
आरोपों का जाल
पुलिस में दर्ज FIR के अनुसार, निदा खान की भूमिका सिर्फ प्रशासनिक नहीं थी। आरोप है कि वह उन कर्मचारियों के साथ खड़ी रहती थी, जिन पर महिला कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और जबरन धार्मिक दबाव डालने के आरोप लगे हैं। कुछ पीड़ितों ने बताया कि उन्हें इस्लामी रीति-रिवाज अपनाने के लिए कहा जाता था यह सलाह नहीं, बल्कि दबाव जैसा महसूस होता था।
कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें खास तरह के कपड़े पहनने, धार्मिक प्रथाएं अपनाने और निजी जीवन में बदलाव करने के लिए मजबूर किया गया। एक शिकायत में यह भी कहा गया कि कर्मचारियों को नमाज पढ़ने के लिए कहा गया और उनकी तस्वीरें तक ली गईं।
यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप
मामले में सामने आए आरोप सिर्फ धार्मिक दबाव तक सीमित नहीं हैं। महिला कर्मचारियों ने छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणियां, जबरन नजदीकी बनाने की कोशिश और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप लगाए हैं। कुछ मामलों में शादी का झांसा देकर संबंध बनाने की बात भी सामने आई है। एक पुरुष कर्मचारी ने भी शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया कि ऑफिस के भीतर एक समूह सक्रिय था, जो कर्मचारियों को धार्मिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश करता था।
व्हाट्सऐप ग्रुप और नेटवर्क का एंगल
जांच में एक व्हाट्सऐप ग्रुप का भी खुलासा हुआ है, जहां कथित तौर पर कर्मचारियों को टारगेट किया जाता था। पुलिस को शक है कि इस ग्रुप के जरिए दबाव और समन्वय किया जाता था। चैट में ‘इमरान’ नाम के एक व्यक्ति का जिक्र मिला है, जिसका कथित संबंध विदेश से बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या फंडिंग तो नहीं है।
मुख्य आरोपी फरार
अब तक इस मामले में नौ FIR दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस ने सात पुरुष और एक महिला अधिकारी को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान अभी भी फरार है। उसकी तलाश में विशेष जांच टीम (SIT) लगातार छापेमारी कर रही है।
गुप्त जांच और एजेंसियों की एंट्री
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुप्त निगरानी भी शुरू की थी। कुछ महिला पुलिसकर्मियों को स्टाफ के रूप में तैनात किया गया, ताकि अंदर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। अब इस केस में अन्य एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है, ताकि हर एंगल से जांच हो सके।
कंपनी का रुख
कंपनी प्रबंधन ने मामले को गंभीर बताते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है। उच्च स्तर पर कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे क्या?
फिलहाल इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी निदा खान मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद कई और खुलासे हो सकते हैं,खासकर उस कथित नेटवर्क और दबाव की रणनीति को लेकर, जो इस केस का सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है।
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