Mumbai News : दीपावली की रात जहां देशभर में दीयों और पटाखों से खुशियां मनाई जा रही थीं, वहीं नवी मुंबई में कई इलाकों से आगजनी की दर्दनाक खबरें सामने आईं।
सोमवार (20 अक्टूबर) को हुई इन घटनाओं में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घर और संपत्तियां राख में बदल गईं। एक हादसे में मां-बेटी की दर्दनाक मौत हुई, तो दूसरे में चार लोगों की जिंदगियां आग में जल गईं।
वाशी में आधी रात लगी आग, चार की मौत
पहला हादसा वाशी के सेक्टर-14 में एमजी कॉम्प्लेक्स स्थित रहेजा रेजीडेंसी सोसाइटी में हुआ। आधी रात को अचानक लगी आग ने इमारत की 10वीं, 11वीं और 12वीं मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया।
10वीं मंजिल पर एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि 12वीं मंजिल पर एक ही परिवार के मां-पिता और 6 साल की मासूम बेटी की जान चली गई।
वाशी अग्निशमन विभाग ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक चारों की मौत हो चुकी थी।
कामोठे में सिलेंडर धमाका, मां-बेटी की मौत
दूसरा दर्दनाक हादसा कामोठे सेक्टर-36 में हुआ, जहां आंबे श्रद्धा सहकारी सोसायटी की तीसरी मंजिल पर आग लग गई। जानकारी के मुताबिक, घर में रखे दो गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ, जिससे आग तेजी से फैल गई।
इस हादसे में एक मां और उसकी बेटी की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य किसी तरह बच निकलने में सफल रहे। आग की लपटों ने चौथी मंजिल के हिस्से को भी नुकसान पहुंचाया। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य किया और सोसायटी के सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक जांच में सिलेंडर ब्लास्ट को आग की वजह बताया गया है, हालांकि पूरी जांच अभी जारी है।
मुंबई में एक दिन में आग की 32 कॉल्स
फायर ब्रिगेड के अनुसार, दीपावली के दिन मुंबई में आग की 32 घटनाओं की कॉल दर्ज की गईं। इसी दिन कफ परेड में भी आग लगने की एक घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने लोगों से पटाखों और गैस उपकरणों के सुरक्षित उपयोग की अपील की है।
पिंपरी चिंचवड़ में ई-स्कूटर शोरूम में आग, 60 वाहन खाक
दीपावली के अगले दिन मंगलवार (21 अक्टूबर) की सुबह पिंपरी चिंचवड़ के वाकड इलाके में स्थित एक ईवी बाइक शोरूम में भीषण आग लग गई।
सुबह करीब 5 बजे लगी इस आग में 50 से 60 नए इलेक्ट्रिक स्कूटर जलकर राख हो गए। फायर ब्रिगेड ने शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग की वजह बताया है। सौभाग्य से इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा है।
त्योहार के बाद उठे सुरक्षा सवाल
इन लगातार आग की घटनाओं ने त्योहारी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि दीपावली जैसे पर्व पर बिजली के लोड, गैस सिलेंडरों और पटाखों के प्रयोग में सावधानी की कमी बड़े हादसों को जन्म देती है। स्थानीय प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे त्योहारों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें ताकि खुशियों की रात किसी के लिए त्रासदी न बने।

