महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री और NCP प्रमुख अजित पवार बुधवार को बारामती में विमान हादसे का शिकार हो गए। हादसा लैंडिंग के दौरान हुआ और इसमें उनके साथ सवार अन्य लोगों की भी जान चली गई। हादसे की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें विमान धूं-धूं कर जलता दिखाई दे रहा था।
बीते सात महीनों में यह दूसरा बड़ा हादसा है, जिसमें भारत ने किसी वरिष्ठ नेता को विमान हादसे में खो दिया। इससे पहले जून 2025 में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश में मारे गए थे। इस घटना ने एक बार फिर देश में नेताओं और उनके विमान सुरक्षा के मुद्दे पर चिंता बढ़ा दी है।
अजित पवार और विमान हादसा
सूत्रों के अनुसार, अजित पवार मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे। उन्हें बारामती में जिला परिषद चुनावों से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था। लैंडिंग के समय विमान नियंत्रण खो बैठा और रनवे पर हादसा हो गया। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, विमान में कुल छह लोग सवार थे और पांच की मौत हुई।
भारत में राजनेताओं के विमान हादसों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी नेता की विमान दुर्घटना में मौत हुई हो। पिछले कुछ दशकों में भारत में कई वरिष्ठ नेताओं ने विमान या हेलीकॉप्टर हादसों में अपनी जान गंवाई है। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख मामलों के बारे में:
माधवराव सिंधिया (30 सितंबर 2001)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सिविल एविएशन मिनिस्टर माधवराव सिंधिया का 10 सीटों वाले प्राइवेट विमान उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के पास खराब मौसम में क्रैश हो गया था। यह हादसा कानपुर में एक पॉलिटिकल रैली में जाने के दौरान हुआ।
जीएमसी बालयोगी (3 मार्च 2002)
तेलुगु देशम पार्टी के नेता और लोकसभा स्पीकर जीएमसी बालयोगी का हेलीकॉप्टर आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में गिर गया। पश्चिमी गोदावरी जिले के भीमावरम से उन्हें ले जाते समय यह हादसा हुआ।
संजय गांधी (23 जून 1980)
कांग्रेस नेता और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी का विमान दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास क्रैश हो गया। विमान में हवाई करतब के दौरान नियंत्रण खो गया था।
विजय रूपाणी (12 जून 2025)
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया के विमान में सवार थे। टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद विमान क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में 260 यात्रियों की मौत हुई थी।
वाई.एस. रेड्डी (2 सितंबर 2009)
आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी का हेलीकॉप्टर घने नल्लामाला जंगल में क्रैश हो गया। यह हादसा खराब मौसम के कारण हुआ।
विमान सुरक्षा और राजनीतिक चिंताएं
अजित पवार का विमान हादसा न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में नेताओं की सुरक्षा के मुद्दे को फिर से लेकर आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर निजी और चार्टर्ड विमानों में सुरक्षा मानकों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। यही वजह है कि कई वरिष्ठ नेताओं को हादसों का सामना करना पड़ा।
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