Ajit Pawar Funeral: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को निधन हो गया था और गुरुवार को उन्हें बारामती में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को देखने के लिए भारी संख्या में समर्थक और नागरिक पहुंचे, जिन्होंने ‘अजित दादा अमर रहे’ के नारे लगाकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। बारामती का माहौल गहरी शोक और भावुकता में डूबा रहा, जहां पवार परिवार के सदस्यों और राजनीतिक हस्तियों ने भी अंतिम संस्कार में भाग लिया।
हादसे में गई जान, चुनप्रचार से लौटते वक्त टूटा विमान
काल्पनिक परिदृश्य के अनुसार, अजित पवार बारामती में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे निजी विमान से पुणे लौट रहे थे। लैंडिंग के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ गई और विमान संतुलन खो बैठा। कुछ ही सेकंड में विमान दो हिस्सों में बंट गया और आग की चपेट में आ गया। इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार समेत चार अन्य लोगों की भी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। हादसे की खबर फैलते ही पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। बारामती, पुणे, मुंबई और नागपुर समेत कई जगहों पर लोग गमगीन नजर आए।
परिवार और समर्थकों का रो-रोकर बुरा हाल
अजित पवार के पार्थिव शरीर को विशेष वाहन से उनके पैतृक गांव लाया गया, जहां अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई। जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में मातम छा गया। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और करीबी सहयोगी भावुक नजर आए। समर्थकों की आंखों में आंसू और दिलों में गहरा शून्य साफ दिखाई दे रहा था।
सुबह से ही गांव में लोगों का तांता लगा हुआ है। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी अपने प्रिय नेता को आखिरी बार देखने पहुंचे। कई लोग हाथों में फूल और पार्टी के झंडे लिए हुए नजर आए।
राजनीतिक जगत में शोक, नेताओं ने जताया दुख
काल्पनिक खबर के अनुसार, अजित पवार के निधन पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और देशभर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ आ गई है। सभी ने उन्हें एक कुशल प्रशासक, तेजतर्रार नेता और जमीनी राजनीति का मजबूत चेहरा बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र ने एक ऐसा नेता खो दिया है, जिसने हमेशा राज्य के विकास को प्राथमिकता दी। वहीं विपक्षी नेताओं ने भी उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी, राजकीय सम्मान के साथ विदाई
आज दोपहर बाद उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। सरकार की ओर से पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में विशेष इंतजाम किए हैं ताकि अंतिम यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।
अंतिम यात्रा में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। समर्थक उनके चित्र और फूल लेकर पैदल चलने की तैयारी में हैं। गांव की गलियों से लेकर मुख्य सड़क तक शोक की लहर साफ महसूस की जा रही है।
राजनीति में छोड़ी गहरी छाप
काल्पनिक लेखन के अनुसार, अजित पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में एक मजबूत और निर्णायक नेता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली और कई बड़े फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके जाने से राज्य की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
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