बिहार चुनाव में राजनीतिक लहर काफी तेज चल रही है, जहां एक तरफ NDA में सब कुछ ठीक चल रहा है, किसी भी तरह के मदभेद की खबर सामने नहीं आ रही है, तो वहीं महागठबंधन अभी तक सेट नहीं हो पाया है। चुनाव सर पर है, लेकिन महागठबंधन में सियासी खिंचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
महागठबंधन में कुछ ठीक नहीं
महागठबंधन के दलों में समन्वय न बैठने की वजह से NDA खुद को काफी आगे बता रहा है। इस पूरी घटना के बीच तेजस्वी यादव से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कुछ अलग ही जवाब दिया। खैर इन सारी परेशानियों को खत्म करने की जिम्मेदारी अब अशोक गहलोत और कृष्णा अल्लावरू को दी गई है।
अशोक गहलोत और कृष्णा अल्लावरू तेजस्वी से मुलाकात की है,दरअसल महागठबंधन में अभी तक सीटों को लेकर सही तरह से बंटवारा नहीं हो पाया है। सभी घटक दलों ने अपने अपने उम्मीदवारों की भी घोषणा कर दी है। जहां एक तरफ मुकेश सहनी ने पहले ही साफ कर दिया है कि महागठबंधन में सबकुछ ठीक है। लेकिन वो अपनी पार्टी के लिए डिप्टी सीएम का पद चाहते हैं।
वहीं दूसरी तरफ, तेजस्वी यादव ने कहा कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है। सब ठीक है। अगले 24 घंटे में आपको सारा बात स्पष्ट पता चल जाएगा। इन सब गतिविधियों के बीच कांग्रेस के पर्यवेक्षक अशोक गहलोत बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू के साथ राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की। तीनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत चली।
लालू-तेजस्वी के साथ हुई अच्छी बातचीत
राबड़ी आवास पर सबसे मुलाकात करने बाद अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के साथ अच्छी बातचीत हुई। कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होने वाली है, जिसमें सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी। महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है। बिहार में कुल 243 सीटें हैं, और 5-10 सीटों पर आपसी सहमति से ‘फ्रेंडली फाइट’ हो सकती है। हम मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे।
23 अक्टूबर को दी जाएगी सारी जानकारी
बिहार के लिए एआईसीसी प्रभारी कृष्ण अल्लावरू ने कहा कि बिहार चुनाव पर हमारी आगे की रणनीतियों को लेकर चर्चा हुई, और इस पर बात हुई कि सरकार बनने के बाद हम राज्य की जनता के लिए कैसे काम कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें: Air India : मुंबई से नेवार्क जा रही एअर इंडिया फ्लाइट में तकनीकी खराबी, विमान लौटा वापस
वहीं कुछ सीटों पर फ्रेंडली फाइट के सवाल पर उन्होंने कहा कि कल यानी 23 अक्तूबर को हर तरह की जानकारी दी जाएगी। एनडीए को यह जवाब देना चाहिए कि उन्होंने पिछले पांच वर्षों में क्या किया है? चुनाव में मुद्दा यही है कि आपने क्या किया है? हम बताएंगे कि हम आने वाले पांच साल में क्या करेंगे।

