MP News: परीक्षा टालने के लिए छात्रों ने फैलाई ‘प्रिंसिपल की मौत’ की झूठी खबर, कॉलेज में मचाया हड़कंप मध्य प्रदेश मे इंदौर के मशहूर होलकर साइंस कॉलेज में बुधवार को ऐसा हंगामा मच गया, जैसे किसी ने बड़ा हादसा कर दिया हो। सुबह सोशल मीडिया पर अचानक खबर फैली कि कॉलेज की प्रिंसिपल का निधन हो गया है। चंद मिनटों में यह खबर वायरल हुई और कॉलेज परिसर में सन्नाटा छा गया। स्टाफ और छात्र दोनों ही सदमे में थे, लेकिन कुछ ही देर बाद सच्चाई सामने आई, जिसने सभी को हैरान कर दिया।
एक सोची-समझी चाल
दरअसल, यह ‘मौत की खबर’ एक सोची-समझी चाल थी, जिसे कॉलेज के ही दो छात्रों ने रचा था। बीसीए तृतीय वर्ष के छात्र मयंक कछवाल और हिमांशु जायसवाल ने परीक्षा टालने के लिए यह अफवाह फैलाई थी। उनका मकसद था कि खबर फैलते ही परीक्षा स्थगित हो जाए और उन्हें तैयारी के लिए थोड़ा वक्त मिल जाए। लेकिन उनकी यह चाल खुद उनके लिए मुसीबत बन गई।
सोशल मीडिया पर फैलाया भ्रम
जब यह झूठ कॉलेज प्रशासन तक पहुंचा, तो तुरंत जांच शुरू की गई। कुछ ही घंटे में सच्चाई सामने आ गई कि यह सब सोशल मीडिया पर फैलाया गया भ्रम था। प्राचार्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भंवरकुआं थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने टेक्निकल जांच के जरिए दोनों छात्रों की पहचान की और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। अब उनके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अफवाह में और कौन शामिल था।
बेहद शर्मनाक हरकत
भंवरकुआं थाना प्रभारी ने बताया कि यह मामला सिर्फ अफवाह फैलाने का नहीं, बल्कि शैक्षणिक माहौल को नुकसान पहुंचाने और झूठी सूचना से सार्वजनिक शांति भंग करने का भी है। कॉलेज प्रशासन ने इसे “अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि अपराध” करार दिया है। होलकर कॉलेज की प्रिंसिपल ने कहा “शिक्षा के मंदिर में ऐसी हरकतें बेहद शर्मनाक हैं। यह सिर्फ मज़ाक नहीं, कानून का उल्लंघन है।”
अब सवाल ये है- क्या थोड़ी राहत पाने के लिए इस तरह की साजिश रचने वाले छात्र पढ़ाई से ज़्यादा सजा की तैयारी तो नहीं कर बैठे? पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों छात्रों की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं।
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