होम = State = मध्य प्रदेश = साध्वी प्रज्ञा का विवादित बयान: जो बेटी दूसरे धर्म में शादी करे, उसकी टांगे तोड़ दो…भोपाल में मचा सियासी तूफान

साध्वी प्रज्ञा का विवादित बयान: जो बेटी दूसरे धर्म में शादी करे, उसकी टांगे तोड़ दो…भोपाल में मचा सियासी तूफान

MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान ने सियासी हलचल मचा दी है। साध्वी प्रज्ञा ने मंच से कहा कि अगर कोई लड़की दूसरे धर्म के युवक से शादी करने की कोशिश करे, तो माता-पिता को सख्त कदम उठाने चाहिए- जरूरत पड़े तो उसकी टांगे तोड़ दो। कार्यक्रम में बोलते हुए साध्वी प्रज्ञा ने कहा, “अगर हमारी बेटी बातों से नहीं मानती, संस्कारों से नहीं समझती, तो उसे सख्ती से समझाना जरूरी है। कभी-कभी संतान के भले के लिए कड़ाई करनी पड़ती है। माता-पिता बच्चों को मारते हैं तो उनके भविष्य के लिए, उन्हें टुकड़ों में मरने से बचाने के लिए।

महिला संगठनों का विरोध

उन्होंने आगे कहा, “जब बेटी जन्म लेती है तो मां-बाप खुश होकर कहते हैं घर में लक्ष्मी, सरस्वती आई है। लेकिन जब वही बेटी बड़ी होकर ‘मियांइन’ बनने निकल पड़ती है, तो समाज में कलंक लग जाता है।” साध्वी के इस बयान पर मंच पर बैठे कई लोग चौंक गए, जबकि कुछ लोगों ने तालियां बजाकर उनका समर्थन भी किया। कार्यक्रम के दौरान दिए गए इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद विपक्षी दलों और महिला संगठनों ने इसे महिलाओं की स्वतंत्रता, समानता और कानून व्यवस्था के खिलाफ बताया है। कांग्रेस नेताओं ने साध्वी प्रज्ञा पर घृणा फैलाने और महिलाओं के अधिकारों का अपमान करने का आरोप लगाया है। महिला संगठनों ने राज्य सरकार से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बयानों को लेकर विवाद

हालांकि, बीजेपी ने इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि साध्वी प्रज्ञा फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर हैं और यह बयान उनकी “व्यक्तिगत राय” हो सकती है। साध्वी प्रज्ञा अपने बयानों को लेकर पहले भी विवादों में रह चुकी हैं। चाहे वह गांधीजी के हत्यारे नाथूराम गोडसे पर बयान हो या ‘गोमूत्र चिकित्सा’ से जुड़ी टिप्पणियां वे कई बार सुर्खियों में रही हैं। लेकिन इस बार उनका यह “टांगे तोड़ दो” वाला बयान एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ा गया है। अब देखना होगा कि इस विवाद पर बीजेपी नेतृत्व और प्रशासन की अगली प्रतिक्रिया क्या होती है।

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