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MP में SIR पर सियासी संग्राम: वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का चल रहा नया खेल…जीतू पटवारी का BJP पर बड़ा आरोप

MP News: मध्यप्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासत चरम पर पहुंच गई है। कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदेशस्तरीय बैठक के बाद बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रदेश में SIR के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है और प्रशासनिक अधिकारी बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं।

क्यों बरसे पटवारी

पटवारी ने आरोप लगाया कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) जनता तक नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा, “70 फीसदी से ज्यादा शिकायतें यही आ रही हैं कि बीएलओ घर-घर नहीं जा रहे। पूरे प्रदेश में गड़बड़ी के कई उदाहरण सामने आए हैं।” कांग्रेस ने अब तक पांच बार चुनाव आयोग को लिखित शिकायत दी है और पुराने दस्तावेजों की मांग की है।

कांग्रेस अब एक भी वोट नहीं देगी कटने

जीतू पटवारी ने कहा, “हम हर विधानसभा में प्रभारी और BLA (बूथ लेवल एजेंट) नियुक्त कर चुके हैं। सभी को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है। हम 2003 से लेकर 2024 तक की वोटर लिस्ट मांग रहे हैं। कांग्रेस अब एक भी वोट कटने नहीं देगी। बीजेपी का षड्यंत्र पूरी तरह नाकाम किया जाएगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के बहाने सरकार आदिवासियों की 1 लाख हेक्टेयर जमीन हड़पने का खेल खेल रही है। पटवारी बोले, “यह सिर्फ वोटर लिस्ट का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश है। हम प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाएंगे और हर जिले में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे।”

लाड़ली बहना योजना पर भी पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “यह दोनों नेताओं की नूरा कुश्ती चल रही है। 3000 रुपये देने का वादा किया गया था, अब 1500 रुपये में समेट दिया गया। नाम बदलने में माहिर मुख्यमंत्री अब जनता को बहला नहीं सकते।”

BJP का कांग्रेस पर पलटवार

वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक नाटक करार दिया। प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा, “SIR प्रक्रिया चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता से चल रही है। कांग्रेस को हार का डर सता रहा है, इसलिए वे पहले से ही बहाने बना रहे हैं। फर्जी वोटरों को हटाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।”

स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश में SIR अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सियासी रणभूमि बन चुका है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा गर्म विषय बनने जा रहा है।

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