MP News: मध्यप्रदेश के रीवा शहर में स्वास्थ्य सेवाओं की नींव हिलाने वाला बड़ा खुलासा सामने आया है। दवाओं के कारोबार में चल रहे मिलावट और कमीशनखोरी के गंदे खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में एक मेडिकल स्टोर संचालक ने खुद कैमरे के सामने यह कबूल किया कि वह डॉक्टरों के दबाव में नकली और महंगी दवाएं बेचने को मजबूर है।
वीडियो में संचालक ने साफ शब्दों में कहा-
हम खुद बेच रहे हैं नकली दवा, 50 की दवा 300 में, डॉक्टर कमीशन के लिए मजबूर करते हैं।
इस एक बयान ने पूरे रीवा शहर में हड़कंप मचा दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आया और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ‘अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर’ पर छापा मारा। जांच के दौरान संदिग्ध दवाओं के सैंपल जब्त किए गए और पूरा स्टोर सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला केवल एक दुकान तक सीमित नहीं रहेगा। अब शहर के अन्य मेडिकल स्टोरों, सप्लायरों और उन डॉक्टरों की भी जांच की जाएगी जिनका नाम इस खेल में सामने आ रहा है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है, जो भी दवा माफिया या कमीशनखोर डॉक्टर इस रैकेट में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
लंबे समय से दवाओं की ओवरप्राइसिंग
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रीवा में लंबे समय से दवाओं की ओवरप्राइसिंग और फर्जी बिलिंग की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन पहली बार किसी ने खुलकर सबूतों के साथ सच सामने रखा है। इस खुलासे के बाद जनता में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब मरीज अपनी जान बचाने के लिए डॉक्टरों पर भरोसा करते हैं, तो क्या उन्हें जहर दी जा रही थी? सोशल मीडिया पर लोग दोषियों की गिरफ्तारी और मेडिकल व्यवसाय में सख्त पारदर्शिता नीति* की मांग कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने कहा है कि यह केवल शुरुआत है, आने वाले दिनों में पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया जाएगा, ताकि रीवा में फिर कोई भी मरीज इलाज के नाम पर ठगा न जाए।
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