Jharkhand News : स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा “जल संगम से जन संगम” अभियान के अंतर्गत मंगलवार को रांची के चुटिया स्थित स्वर्णरेखा नदी तट पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने यमुना नदी और स्वर्णरेखा नदी के जल का संगम कराया। उसके बाद उन्होंने स्वर्णरेखा नदी से पवित्र जल कलश में संग्रह किया। यह पवित्र जल आगामी 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में सरदार पटेल की प्रतिमा पर जलाभिषेक के लिए भेजा जाएगा।

“जल संगम से जन संगम”
रक्षा राज्य मंत्री श्री सेठ ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के पश्चात भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने में जो योगदान दिया, वह हर देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा, “जल संगम से जन संगम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह देश की नदियों की एकता, संस्कृति की श्रेष्ठता और सरदार पटेल के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है।”
श्री सेठ ने कहा कि “स्वर्णरेखा नदी से जल संग्रह झारखंड के लिए गर्व का विषय है।” उन्होंने इसे संपूर्ण राज्य का सौभाग्य बताते हुए कहा कि सरदार पटेल के जलाभिषेक हेतु झारखंड का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान श्री सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि वे सरदार पटेल के बताए मार्ग पर चलते हुए देश की एकता और अखंडता को सुदृढ़ बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस संकल्प को साकार करने की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम है, जिसमें भारत की नदियों, संस्कृतियों और जनमानस को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया जा रहा है।”
31 अक्टूबर को राष्ट्रीय जलाभिषेक समारोह
संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित इस अभियान के तहत देशभर की 25 प्रमुख नदियों से पवित्र जल एकत्र किया जा रहा है। 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर इन सभी नदियों के जल से उनका “राष्ट्रीय जलाभिषेक” किया जाएगा।

