Republic Day 2026: आज, 26 जनवरी को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस बड़े ही गर्व और उल्लास के साथ मना रहा है। यह दिन भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली और सांस्कृतिक धरोहर की महानता को दर्शाता है। गणतंत्र दिवस की परेड इस वर्ष भी शानदार ढंग से आयोजित की जा रही है, जो देश की समृद्धि, सांस्कृतिक विविधता, और सैन्य ताकत को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती है।
गणतंत्र दिवस का महत्व
गणतंत्र दिवस भारत के इतिहास का एक अहम दिन है। 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ था, और देश ने एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपने कदम आगे बढ़ाए थे। यही कारण है कि इस दिन को खास महत्व दिया जाता है। यह दिन भारत के संविधान की सर्वोच्चता और उसकी संप्रभुता की याद दिलाता है।
गणतंत्र दिवस न केवल भारत की राजनीतिक स्वतंत्रता का प्रतीक है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विविधता, एकता और अखंडता का भी प्रतीक बन चुका है। इस दिन को भारत भर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाता है, जिनमें प्रमुख आकर्षण दिल्ली में आयोजित होने वाली भव्य परेड है।
दिल्ली में आयोजित भव्य परेड
नई दिल्ली के राजपथ पर हर साल की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस की भव्य परेड का आयोजन किया गया है। यह परेड देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और प्रगति की दिशा को दर्शाने का प्रमुख मंच है। इस वर्ष की परेड में भी सेना, एयरफोर्स और नेवी की शक्तियों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही, देश की विभिन्न राज्य सरकारों ने अपने-अपने सांस्कृतिक झांकियों के जरिए भारत की विविधता को दर्शाया।
दिल्ली में आयोजित इस परेड की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ होती है, जिसके बाद राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ की धुन के बीच परेड का आगाज होता है। इस वर्ष, परेड में पहली बार आधुनिक तकनीक और नयी सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया गया है, जो भारत की सैन्य ताकत को और भी मजबूत दिखाता है।
सैन्य बलों का प्रदर्शन
इस वर्ष की परेड में भारतीय सैन्य बलों का विशेष ध्यान आकर्षित किया गया है। भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना के जवानों ने अपनी शक्ति और रणनीतिक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस साल भारतीय वायुसेना ने ‘कॉकपिट’ से एक बेहतरीन फ्लाई-पास्ट प्रस्तुत किया, जिसमें अपने उच्चतम तकनीकी कौशल और कड़ी मेहनत का परिचय दिया।
इसी तरह, भारतीय सेना की टैंक बटालियन और पैरा सैन्य बलों ने भी अपनी ताकत का अहसास कराया। इन प्रदर्शनों के साथ-साथ सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शन की तैयारी में जो अनुशासन और समर्पण देखा गया, वह न केवल सुरक्षा बलों की समर्पण भावना को दर्शाता है, बल्कि देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
सांस्कृतिक विविधता की झलक
गणतंत्र दिवस की परेड में हर साल भारत के विभिन्न राज्यों और प्रदेशों की सांस्कृतिक झांकियाँ प्रस्तुत की जाती हैं। यह झांकियाँ भारतीय समाज की विविधता, कला, और सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करती हैं। इस वर्ष भी विभिन्न राज्यों के कलात्मक प्रदर्शन, लोक नृत्य, और पारंपरिक वेशभूषा ने भारतीय संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत किया।
गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान इस वर्ष विशेष ध्यान उस दिशा में भी दिया गया, जिसमें देश ने तकनीकी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। विभिन्न विज्ञान, रक्षा और कृषि में नवाचारों को प्रदर्शित किया गया, जो भारतीय जनता के जीवन में सुधार लाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
समारोह की गरिमा और लोकनृत्य
गणतंत्र दिवस का मुख्य आकर्षण न केवल परेड है, बल्कि इस दिन पूरे देश में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी खास महत्व रखते हैं। विद्यालयों और सामुदायिक संस्थाओं द्वारा आयोजित नृत्य, गीत और भाषणों के माध्यम से इस दिन को और भी खास बना दिया जाता है।
नई दिल्ली के राजपथ पर आयोजित मुख्य समारोह में उपस्थित लोगों के चेहरे पर उत्साह और गर्व की भावना साफ देखी जा सकती है। पूरे दिन भर राजपथ पर भारत की वीरता, संस्कृति और समृद्धि को दर्शाने वाले विभिन्न प्रकार के आयोजन होते हैं।
अंतिम विचार
गणतंत्र दिवस एक ऐसी तारीख है, जो हर भारतीय के दिल में गर्व और सम्मान की भावना जगाती है। यह हमें हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान की ताकत, और देश की महानता की याद दिलाता है। इस दिन आयोजित होने वाली परेड देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विविधता के प्रतीक के रूप में हर बार अपनी एक नई पहचान छोड़ती है। भारत ने इस दिन को अपनी शक्ति, एकता और गौरव का प्रतीक बना लिया है, और यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
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