होम = Cover Story Latest = ‘बच्ची को कुर्सी-टेबल समझ लिया?’ सुप्रीम कोर्ट का फूटा गुस्सा, गुरुग्राम केस में पुलिस पर सख्त सवाल

‘बच्ची को कुर्सी-टेबल समझ लिया?’ सुप्रीम कोर्ट का फूटा गुस्सा, गुरुग्राम केस में पुलिस पर सख्त सवाल

Gurugram 4 Year Old Girl Rape Case: हरियाणा के गुरुग्राम में चार साल की मासूम के साथ कथित दुष्कर्म के मामले ने देश को झकझोर दिया है। अब इस मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए गुरुग्राम पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और पहली नजर में ऐसा लगता है कि पुलिस ने आरोपियों को बचाने की पूरी कोशिश की। कोर्ट ने पूछा कि आखिर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।

CJI की तीखी टिप्पणी

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने जांच में हुई बड़ी चूक पर नाराजगी जताई।

• पीड़िता का बयान आरोपियों के सामने दर्ज किया गया
• पुलिस और अधिकारियों का रवैया बेहद असंवेदनशील बताया गया
• कोर्ट ने कहा, बच्ची के साथ ऐसा व्यवहार हुआ जैसे वह टेबल या कुर्सी हो

दो महीने तक चला कथित शोषण

मामले के अनुसार, गुरुग्राम के सेक्टर 54 की एक सोसाइटी में दो महिला घरेलू सहायिकाओं और उनके एक पुरुष साथी ने करीब दो महीने तक बच्ची का कथित यौन शोषण किया।

जांच में बड़ी लापरवाही

कोर्ट ने जांच प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल उठाए।

• पीड़िता से पूछताछ के दौरान संवेदनशीलता की कमी
• पुलिस स्टेशन और अन्य जगहों पर अनुचित तरीके से पेशी
• दस्तावेजों में पीड़िता की पहचान उजागर करना

कोर्ट ने इसे पूरी तरह गैर-जिम्मेदार और गैर-कानूनी तरीका बताया।

SIT जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने-

• तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने का आदेश दिया
• हरियाणा सरकार को तुरंत जांच तेज करने के निर्देश दिए
• गुरुग्राम पुलिस से केस रिकॉर्ड तत्काल सौंपने को कहा

“बच्ची का ट्रॉमा और बढ़ा”

कोर्ट ने यह भी माना कि जिस तरह से जांच की गई, उससे बच्ची और उसके परिवार को और ज्यादा मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ीऔर पहले हुए अपराध के बाद भी उन्हें बार-बार कष्ट उठाना पड़ा।

क्या होगी जवाबदेही

यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि प्रणाली की संवेदनहीनता को भी उजागर करता है। क्या दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी? क्या इससे भविष्य में ऐसे मामलों में सुधार आएगा? यह केस अब देशभर में न्याय और जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन चुका है।

ये भी पढ़ें: दिल्ली विधानसभा को दोबारा बम से उड़ाने की धमकी, स्पीकर और OSD को आए मेल में 16 IED प्लांट किए जाने का दावा