Terror plot in Faridabad : फरीदाबाद के धौज गांव में किराए के मकान से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से उत्तर भारत में एक संभावित बड़े आतंकी हमले को रोका गया।
आदिल और शकील की गिरफ्तारी से खुला सुराग
सबसे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. आदिल अहमद राठर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनकी गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी दी। इसके बाद 30 अक्टूबर को डॉ. शकील को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ में शकील ने बताया कि उसने फरीदाबाद के धौज गांव में विस्फोटक और हथियार छिपा रखे हैं।
पुलिस ने रविवार सुबह शकील के बताए मकान पर कार्रवाई की और भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए।
डॉ. मुजम्मिल की गिरफ्तारी
जांच के दौरान डॉ. मुजम्मिल, जो फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में टीचर हैं, को भी गिरफ्तार किया गया। उनके बारे में पता चला कि उनका नेटवर्क में अहम रोल था।
बरामद सामग्री
- लगभग 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, जो अत्यधिक खतरनाक है और IED बनाने में इस्तेमाल होती है।
- लगभग 5 किलो भारी धातु IED की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए।
- 20 टाइमर, बैटरियां, 24 रिमोट, इलेक्ट्रिक वायरिंग और कई इलेक्ट्रॉनिक सर्किट।
- एक असॉल्ट राइफल, एक पिस्टल, 84 जिंदा कारतूस, आठ लाइव राउंड और दो खाली कारतूस।
- बारह सूटकेस, कई वॉकी-टॉकी और संचार उपकरण।
- पुलिस के मुताबिक यह सभी सामान बड़े पैमाने पर IED बनाने के लिए रखा गया था।
साजिश का बड़ा संकेत
पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था और उत्तरी भारत में बड़े हमले की योजना बनाई जा रही थी। अगर यह सामग्री समय पर बरामद न होती, तो यह भीषण आतंकी हमला हो सकता था।
जांच अभी जारी है
फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सत्येंद्र गुप्ता ने बताया कि ऑपरेशन अभी भी जारी है। अब एजेंसियां नेटवर्क की फंडिंग, सीमा-पार संपर्क, स्थानीय मददगार और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही हैं। जल्द ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी इस मामले में शामिल हो सकती है।
सत्येंद्र गुप्ता ने कहा कि मुख्य आरोपी डॉ. मुजम्मिल है और हथियार कहां से आए, यह जांच का हिस्सा है। उन्होंने सुरक्षा कारणों से फिलहाल और जानकारी साझा करने से इनकार किया।

